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Delhi Air Quality : IMA ने दिल्ली में घोषित की हेल्थ इमरजेंसी, घरों से ना निकलने की सलाह

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Icy Tales

Delhi Air Quality : रद्द हो सकती है हॉफ मैराथन दौड़

Delhi Air Quality : दिल्ली- एनसीआर में वायु प्रदुषण के कारण हवा में जहरीले धुंध का स्तर खतरे के निशान से ऊपर हो चुका है.

आज सुबह जब शहरवासी सोकर उठे तो उनके घर के बाहर हवा में जहरीले गैसों से बनी स्मॉग छाई हुई थी. इसी के मद्देनजर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने आज से दिल्ली में हेल्थ ऐमरजेंसी लागू कर दी है.
आईएमए ने इस बारे में दिल्ली के मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखकर शहर के तमाम स्कूल कॉलेज बंद करने के निर्देश दिए हैं.
इसके अलावा लोगों के स्वास्थ्य पर खतरनाक ढंग से पड़ते इस धुंध के प्रभाव से बचाने के लिए सभी को हिदायत दी गई है कि वो अनावश्यक घर से बाहर ना निकले.

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कितनी खतरनाक है ये स्मॉग
गाड़ियों और फैक्टरियों से निकलने वाले धुओं में मौजूद राख, सल्फर, नाइट्रोजन, कार्बन डाई ऑक्साइड और अन्य खतरनाक गैसें जब कोहरे के संपर्क में आती हैं तो वो स्मॉग बन जाता है.
स्मॉग शब्द स्मोक और फॉग से मिल कर बना है. इसका असर तब तक नहीं खत्म होता जब तक इसके इलाके में तेज हवा या बारिश ना हो.
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हॉफ मैराथन पर मंडराया खतरा
IMA के राष्ट्रीय अध्यक्ष केके अग्रवाल का मानना है कि दिल्ली में 19 नवंबर को होने वाली मैरॉथन के धावकों के स्वास्थ्य पर इस स्मॉग का काफी नुकसानदायक असर पड़ सकता है.
जिसे देखते हुए उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री, दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायधीश और राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण को पत्र लिख कर इसे तत्काल स्थगित करने या बाद की तारीखों में इसका आयोजन करने की गुजारिश की है.
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इससे पहले भी वायु प्रदुषण के खराब स्तर को देखते हुए अमेरिका, मलेशिया और सिंगापुर जैसे कई देशों में मैराथन और दूसरी खेल प्रतियोगिताएं रद् की जा चुकी हैं.
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कैसे करें बचाव
डॉक्टर के अनुसार इससे बचाव के लिए धुंद वाले वातावरण में जाने से परहेज करें. और अगर किसी कारणवश जाना भी पड़े तो मॉस्क लगाकर बाहर निकलें.
इस धुंध की चपेट में सबसे ज्यादा बच्चे और बूढ़ें आते हैं. इस वजह से घर के अभिभावक बच्चे को खेलने के लिए बाहर ना निकलने दे जब तक कि बाहर का वातावरण साफ नहीं हो जाता.
वहीं जो लोग सुबह सैर के लिए जाते हैं वो सुबह की बजाए शाम को सैर के लिए निकले,क्योंकि सुबह हवा में इसका असर काफी तेज रहता है.
मौसम विभाग,डॉक्टर और सरकार के द्वारा जारी की जा रही चेतावनी को गंभीरता से लें.
डॉक्टरों का अनुमान है कि इसके प्रतिकूल परिणाम आने स्वाभाविक है. इस किट के प्रयोग से लगभग 100 में 90 केस खराब होने तय माने जा रहे हैं.

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