Home देश Flyingkiss Crime : महाराष्ट्र में नाबालिग को फ्लाइंग किस देने के मामले...

Flyingkiss Crime : महाराष्ट्र में नाबालिग को फ्लाइंग किस देने के मामले में अदालत ने आरोपी पर लगाया जुर्माना

SHARE
Flyingkiss Crime
demo pic

Flyingkiss Crime : इस मामले में सुनाया गया यह पहला फैसला

Flyingkiss Crime : देश में नाबालिगों के साथ बढ़ रहे यौन दुर्व्यवहार और छेड़छाड़ के मामले समाज के लिए एक चिंता का विषय बनते जा रहे हैं.

स्कूल, पार्क, बस,रेस्टोरेंट,सिनेमा हॉल हर जगह बालिग या नाबालिग बच्चियों से छेड़छाड़ आम हो गई है जिसके चलते मां- बाप के अंदर अपने बच्चों के लिए असुरक्षा की भावना हर समय रहती है.
हालांकि पुलिस प्रशासन ऐसी गंदी मानसिकता वाली घटनाओं को रोकने के लिए पूरा प्रयास कर रही है, मगर वो नाकाफी साबित हो रहे हैं.
महाराष्ट्र के ठाणे जिले की  सत्र न्यायालय ने भी एक इसी तरह के एक 7 साल पुराने मामले में आरोपी को दोषी मानते हुए उसे जुर्माना भरने के लिए कहा है.
यह भी पढ़ें – पाकिस्तान की जनता ने भारतीय न्यायालय को बताया दबंग, जानिए क्यों मुरीद हुए वो
क्या था पूरा मामला ?
दरअसल सात साल पहले जून 2010 में ठाणे के जगताप नाम के एक पेंटर ने स्कूल जा रही 16 साल की लड़की को सभी के सामने फ्लाइंग किस का इशारा किया था . जिसके बाद लड़की काफी असहज हो गई और उसने घर पहुंचकर अपने माता पिता को सारी बातें बताई .
लड़की के मां-बाप ने तुरंत ही वरकटनगर पुलिस स्टेशन में जाकर इस मामले में एफआईआर लिखवाई. जिसके बाद पुलिस ने कार्यवाही करते हुए जगताप को गिरफ्तार कर लिया. मगर कुछ ही दिनों बाद वो जमानत पर रिहा हो गया.
लेकिन इस केस की सुनवाई चलती रही और शनिवार को सात साल बाद अदालत ने इस मामले में फैसले सुनाते हुए जगताप को आरोपी माना और उसे 5000 का जुर्माना देने को कहा है.
यहीं नहीं अदालत ने यह भी कहा है कि अगर आरोपी जुर्माने की राशि देने में असर्मथ हैं तो उसे 5 दिनों तक कारावास में रखा जाए.
यह भी पढ़ें – Kiran Bedi : पुडुचेरी की उपराज्यपाल ने नाबालिग लड़की की जबरन शादी रुकवाकर किया नेक काम
लड़कियों को अश्लिल इशारे करने वालों को मिलेगा सबक
जोन 5 के पुलिस उपायुक्त सुनील लोखंडे ने कहा कि हमने कहीं भी इस केस को कमजोर नहीं होने दिया.
उन्होंने कहा कि तुरंत ही हमने चार्जशीट दायर की,सबूत इकट्ठे किए, समय समय पर लोगों के बयान कोर्ट के समाने रिकार्ड कराए.
लोखंडे ने बताया कि कोर्ट का यह आदेश उन लोगों के लिए एक उदाहरण का काम करेगा जो यह सोचते हैं कि उन्हें इन अपराधों के लिए दंडित नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि हम इस तरह की घटनाओं को भी एक अपराध मानते हैं और इसे कम करने की उम्मीद करे हैं.
साभार – एचटी

For More Hindi Positive News and Positive News India Follow Us On FacebookTwitter, Instagram, and Google Plus