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भारतीय वायुसेना का फाइटर प्लान अकेले उड़ाने वाली पहली महिला बनी अवनी

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India First Women Fighter Pilot
फोटा साभार - एएनआई

India First Women Fighter Pilot : इंजीनियरिंग की नौकरी छोड़ ज्वाइन किया एयरफोर्स

India First Women Fighter Pilot : भारतीय एयरफोर्स की फ्लाइंग ऑफिसर अवनी चतुर्वेदी आज देश की महिलाओं के लिए एक नई मिसाल बन गई हैं.

अवनी ने एयरफोर्स में रह कर वो कर दिखाया जिससे यह साबित हो गया है कि देश की महिलाएं अब किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कम नहीं हैं.
बता दें कि अवनी भारतीय एयरफोर्स की अकेले फाइटर एयरक्राप्ट चलाने वाली पहली महिला बन गई हैं.
वायुसेना के एक अधिकारी ने इस बात की पुष्टि करते हुए जानकारी दी की अवनी चतुर्वेदी फाइटर एयरक्राफ्ट को अकेले उड़ाने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं.
उन्होंने बताया कि अवनी ने अकेले सोमवार को जामनगर एयरफोर्स स्टेशन से मिग- 21 में उड़ान भरी जो इस तरह की उनकी पहली उड़ान थी.
गौरतलब है कि दुनिया में ब्रिटेन, अमेरिका, इजरायल और पाकिस्तान में महिलाएं पहले से ही फाइटर पायलट बन सकती थी. लेकिन हमारे यहां केंद्र सरकार ने साल 2015 में महिलाओं को फाइटर पायलट में शामिल करने का फैसला किया था.
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2016 में तीन महिलाओं का हुआ था चयन
फाइटर एयरक्राफ्ट उड़ाने के लिए तीन महिला पायलटों अवनि चतुर्वेदी, भावना कांत और मोहना सिंह को जुलाई 2016 में फ्लाइंग ऑफिसर के तौर पर शामिल किया गया था. जिसके बाद लगभग 8 महीने के कड़े प्रशिक्षण के बाद अवनी को पहली बार अकेले लड़ाकू विमान उड़ाने का मौका मिला .
एयरफोर्स के एक अन्य पायलट ने बताया कि फाइटर जेट की उड़ान भरना जीरो एरर प्रोफेशन है और इसके अकेले उड़ान भरने के कई टेस्ट से गुजरना होता है.
इंजीनियरिंग की नौकरी छोड़ ज्वाइन किया एयरफोर्स
मध्य प्रदेश के रीवा शहर की अवनी चतुर्वेदी को देश की पहली तीन महिला फाइटर पायलट में शामिल होने का गौरव प्राप्त है.
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अवनी ने अपनी स्कूली शिक्षा दियोलैंड से की है जो कि मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में है. अवनी के पिता एक एग्जीक्यूटिव इंजीनियर हैं वहीं उनके भाई भी आर्मी में कैप्टन हैं. जबकि चाचा सहित परिवार के कई सदस्य खुद आर्मी के किसी ना किसी यूनिट में देशसेवा में जुटे हुए हैं.
इंडियन एयरफोर्स में शामिल होने के बाद अवनी ने बताया कि उन्होंने कल्पना चावला को अपनी प्रेरणा स्त्रोत मानते हुए अपने जीवन को आगे बढ़ाया. पिता बताते हैं कि उनकी बेटी बचपन से ही मेधावी थी और वह अच्छी पुस्तकें पढ़ती रहती थीं.
राजस्थान के वनस्थली में बीटेक करने के दौरान ही अवनी ने एयरफोर्स का फार्म भरा था. बीटेक करने के बाद उनका चयन आईबीएम में भी हो गया था.
लेकिन कुछ दिन सर्विस करने के बाद वो वहां से काम छोड़कर एयरफोर्स ज्वाइन कर लिया. अवनी ने हैदराबाद की वायु सेना अकादमी से पढ़ाई की है

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