Home देश तमाम मुश्किलों के बीच भी सालाना 6000 इंजीनियरों की नियुक्ति जारी रखेगी...

तमाम मुश्किलों के बीच भी सालाना 6000 इंजीनियरों की नियुक्ति जारी रखेगी इंफोसिस

SHARE
इंफोसिस
demo pic
पहले विशाल सिक्का का इस्तीफा.. फिर बोर्ड के कई अन्य अधिकारियों का जाना, शायद इंफोसिस के लिए कुछ समय से सब कुछ सही नहीं चल रहा है.
लेकिन बावजूद इसके इंफोसिस अपनी वार्षिक नियुक्तियों में कोई बदलाव करने को तैयार नहीं है.
हाल ही में हुए भारी उथल-पुथल के बीच इंफोसिस की तरफ से कहा गया है कि उनकी कंपनी अगले दो सालों तक सालाना 6,000 इंजीनियर्स की नियुक्ति करता रहेगा.
बढ़ी है नियुक्ति की प्रक्रिया
इतना ही नहीं देश की दूसरी सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर सेवा कंपनी इंफोसिस ने अमेरिका और यूरोपीय बाजारों में भी अपनी भर्ती प्रक्रिया को बढ़ा दिया है. जिसके पीछे का मकसद दोनों देशों के वीजा संबंधी नियम में नई संभावनाएं को देखा जाना माना जा रहा है.
यह जानकारी इंफोसिस के अंतरिम सीईओ और एमडी यूबी प्रवीण राव ने बीते हफ्ते हुई इन्वेस्टर मीट में दी.
उन्होंने कहा कि भले ही कंपनी के आंतरिक हालात अच्छे ना चल रहे हों पर हम लोगों की भर्ती करना जारी रखेंगे.
उन्होंने कहा कि इस साल के निष्कर्ष के अनुसार हमने 6,000 नए लोग जोड़े हैं. और हम इसी दर से आने वाले अगले दो सालों में भी नए लोगों कि नियुक्तियां जारी रखेंगे. हालांकि यह सब बाजार में दिखने वाली ग्रोथ पर भी निर्भर करेगा.
कंपनी की आपसी कलह आ चुकी है सामने
गौरतलब है कि बंगलुरु स्थित कंपनी ने बीते कुछ महीनों में भारी उथल-पुथल का माहौल देखा है. जिसमें कुछ पूर्व संस्थापकों और पूर्व बोर्ड अधिकारियों के बीच का विवाद खुलकर देश के सामने आ गया था.
इसके अलावा कंपनी के पूर्व संस्थापकों ने बोर्ड पर 200 मिलियन अमेरिकी डॉलर के पनाया डील, कॉर्पोरेट प्रशासन की कमी और कई तरह की अनियमितताओं का आरोप लगाया था. जिससे कंपनी की छवि को काफि हद तक नुकसान पहुंचा.
फिलहाल कंपनी के अंदर धीरे धीरे सब ठीक होता दिख रहा है. कंपनी के पूर्व संस्थापकों में से एक नंदन निलेकणि को कंपनी का नॉन एग्जीक्यूटिव चेयरमैन भी नियुक्त किया जा चुका है.
आपको बता दें कि विशाल सिक्का के इस्तीफा देने के साथ ही कुछ अन्य अधिकारियों ने भी कंपनी में अपनी सेवा समाप्त कर दी थी.