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Kotak Wealth Report : जानिए देश का करोड़पति वर्ग कहां और कितना खर्च करता है पैसा

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Kotak Wealth Report : कमाई का 16 प्रतिशत करोड़पति लग्जरी लाइफ में करते हैं खर्च

Kotak Wealth Report : हाल ही में सामने आई कोटेक वेल्थ रिपोर्ट में देश के अमीरों द्वारा किए जाने वाले खर्चों के स्त्रोत के बारे में पता चला है.

कोट्क ने अपनी लिस्ट में यह साफ किया है कि देश के किस चीज पर कितना खर्च करते हैं. आइए जानते हैं अमीरों के खर्च को लेकर क्या कुछ कहा गया है इस रिपोर्ट में…
कौन होते हैं ‘अलट्रा हाई नेट वर्थ इंडिविजुवल’
कोटेक की इस लिस्ट के मुताबिक सालाना 25 करोड़ से अधिक कमाने वाले लोगों को अलट्रा हाई नेट वर्थ इंडिविजुवल कहा जाता है. इस लिस्ट का हिस्सा वो लोग रहते हैं जो अपनी कमाई से बिसनेस या फिर विरासत के तौर पर हासिल जायदाद के दम पर सलाना 25 करोड़ या उससे ज्यादा की आय करते है.
इस सर्वे में शामिल अमीरों में 60 प्रतिशत लोगों की उम्र 40 साल से कम थी, शायद यही वजह है कि इसके कारण इन अमीरों के र्खच करने की वजहों मे भी फर्क आया है.
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बचत और निवेश में सबसे ज्यादा खर्च
कहते हैं पैसा ही पैसे को खींचता है और निवेश ही इसकी पूंजी है, यह बात इस सर्वे में भी सामने आई है. रिपोर्ट के अनुसार इस वर्ग के लोग अपनी आय का लगभग 45 प्रतिशत बचत और निवेश करने पर खर्च करते हैं. इसके अलावा वह अपना सारा पैसा खर्च कर देते है.
लग्जरी लाइफ पर खर्च
पिछले कई सालों से लगभग सभी पर महंगाई की मार पड़ी लेकिन लगता है इस वर्ग के लोंगों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ा. तभी तो साल 2017 में लोगों ने छुट्टी मनाने, गैजेट खरीदने और बाकि तरह की लग्जरी की चीजों के शौक को पूरा करने के लिए अपनी जेब ज्यादा ढीली करी.
रिपोर्ट के मुताबिक यूएचएनडब्ल्यूआई वर्ग के लोग आय का लगभग 16 प्रतिशत हिस्सा इन्हीं लग्जरी चीजों पर खर्च कर देते हैं.
चैरिटी भी है अहम हिस्सा
देश –विदेश में कई ऐसे अमीर हैं जो अपनी अमीरी से ज्यादा दान करने के लिए जाने जाते हैं. बड़े दानियों में बिल गेट्स और फेसबुक के सीओ मार्क जाकरबर्ग का नाम तो हम सब जानते हैं मगर भारत के यह खास वर्ग के लोग भी इसमें पीछे नहीं है.
यह लोग आय का लगभग 7 प्रतिशत हिस्सा चैरिटी के लिए देते हैं. इसमें उनके चलाए जा रहे एनजीओ भी शामिल है.
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सर्वे के कुछ और अहम पहलू
1) भारत में इस वर्ग के लोगों की आय साल 2022 तक 330,400 से दोगुनी हो जाएगी. क्योंकि उनकी कुल संपत्ति 352 खरब डॉलर तक बढ़ने की उम्मीद है.
2) 2017 की तुलना में यूएनएचएच की संख्या में 10% की वृद्धि हुई है और इनमें से 97% भारत के शीर्ष 20 शहरों में रहते हैं जिनमें बंगलुरु, अहमदाबाद, पुणे, हैदराबाद, नागपुर और लुधियाना शीर्ष पर हैं.
इस सर्वे के हिस्सा बने सभी अल्ट्रा अमीर साक्षात्कारों में से 25% का कहना है कि आने वाले समय में वह चैरिटी से संबंधित कार्यों पर अपने खर्च में वृद्धि करेंगे ताकि देश के निम्न वर्ग के लोगों तक भी मदद कर सके.

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