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Missing Children Identify : आधार की वजह से देशभर के 500 लापता बच्चों को वापस मिला उनका परिवार

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Missing Children Identify
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Missing Children Identify : यूआईडीएआई के सीईओ ने दी जानकारी

Missing Children Identify : आधार कार्ड को लेकर देश में अलग ही बहस छिड़ी हुई है. कोई इसके समर्थन में है तो किसी को यह खुद की नीजता से खिलवाड़ लगता है.

इसी बीच एक ऐसी खबर आई है जिससे आधार कार्ड का पक्ष और मजबूत हो गया है .
दरअसल हाल ही में भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के सीईओ अजय भूषण पांडेय ने यह जानकारी दी है कि आधार की वजह से देश में तकरीबन 500 लापता बच्चों का पता लगाया गया है.
साइबरस्पेस (जीसीसीएस) 2017 पर वैश्विक सम्मेलन में एक सत्र को संबोधित करते हुए अजय भूषण ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में आधार के माध्यम से 500 से अधिक लापता बच्चों की पहचान की गई है. जिन्हें वापस उनके घर पहुंचाने में बच्चों के लिए काम करने वाले समाज सेवी संगठन सफल हुए हैं.
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भूषण ने कॉन्फ्रेंस में कहा कि आधार के जरिए इन लापता बच्चों की पहचान तब हुई, जब अनाथ आश्रम के बच्चे का भी आधार बनवाने की प्रॉसेस शुरू की गई.
इसी दौरान पता चला कि उनका 12 डिजिट का बायोमीट्रिक आइडेंटिफायर पहले से ही बना हुआ है. जिसके जरिए उनकी पहचान हो सकी .
गौरतलब है कि 2011 में हुई जनगणना के अनुसार , देश की 1.2 अरब आबादी में 40 प्रतिशत 18 साल से कम आयु के लोग हैं.
बाल हितों के लिए काम करने वाली समाज सेवी संस्था, CRY के एक अनुमान के मुताबिक वर्ष 2013 से 2015 के बीच देश में लापता होने वाले बच्चों की संख्या में 84 प्रतिशत की बढोतरी हुई है.
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CRY संस्था ने सरकारी आंकडो पर आधारित डाटा का हवाला देते हुए बताया कि देश में हर दिन लगभग 180 बच्चे गायब हो जाते हैं.
भूषण ने आगे कहा कि आधार को कई सरकारी स्कीमों से जोड़े जाने से काफी पैसा भी बचाया गया है. वहीं अब ऐसे लोगों को फायदा पहुंचना भी बंद हो गया, जिनका कोई वजूद ही नहीं था. इसकी वजह से सरकार को 10 बिलियन डॉलर यानी करीब 64 हजार करोड़ रुपए की बचत हुई है.
उन्होंने कहा कि ज्यादा से ज्यादा सरकारी स्कीम्स से आधार से जोड़ने पर हम हर साल इतनी ही रकम बचा सकतें है. जानकारी के लिए आपको बता दें कि मौजूदा समय में देश के 1.19 अरब लोगों का आधार बन चुका है.

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