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Muslim Women Hajj: तीन तलाक के बाद अब मुस्लिम महिलाओं के मेहरम पर भी लगी रोक

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pic courtesy- the new york times

Muslim Women Hajj: 45 वर्ष ले ऊपर की महिलाएं अकेले करें हज

Muslim Women Hajj: पहले तीन तलाक और अब मेहरम पर रोक क्या लगी, मानों मुस्लिम महिलाएं खुशी से झूम उठी हैं.

यह खुशी जायज भी है, क्योंकि मेहरम प्रथा मुस्लिम महिलाओं को हमेशा समाज की उस रूढ़वादी सोच का एहसास दिलाती थी जिसमें बताया गया था बिना किसी पुरुष के मुस्लिम महिलाएं अकेले हज दर्शन नहीं कर सकती.
लेकिन अब इसपर रोक लगने के बाद मुस्लिम महिलाएं जिनकी उम्र 45 वर्ष से उपर है उनको भी हज पर अकेले जाने की आजादी मिल गई है.
मोदी सरकार की मुस्लिम बहनों को सौगात
दरअसल, मोदी सरकार की नई हज नीति के अनुसार, मुस्लिम समाज की मेहरम प्रथा को असंवैधानिक करार दिया गया है. जबकि नई नीति के तहत हमारी मुस्लिम महिलाएं स्वतंत्र होकर हज यात्रा पर जा सकती हैं, वो भी सरकार द्वारा कानूनी मान्यता के साथ.
क्या होता है मेहरम प्रथा ?
Muslim Women Hajj: मुस्लिम समाज में मेहरम का अर्थ खून का रिश्ता होता है, जिसे इस समाज में एक प्रथा के रूप में हज यात्रा करने वाली महिलाओं के लिए बनाया गया है.
इस प्रथा के तहत मुस्लिम महिलाओं को हज यात्रा पर जाने के लिए 40 वर्ष से अधिक उम्र के कम से कम 4 मेहरम (खून के रिश्ते में आने वाले पुरुष व्यक्ति) को साथ ले जाना होता है.
बिना इन पुरुषों के किसी भी महिला को हज की यात्रा करने की अनुमति नहीं दी गई है.
आपको बता दें कि इस प्रथा के पीछे मुस्लिम समाज के एक वर्ग का तर्क है कि महिलाओं के हज यात्रा के दौरान उनके साथ जाने वाले पुरुष व्यक्ति उन पर नजर रखते हैं.
मुस्लिम महिलाओं ने फैसले पर जताई खुशी
Muslim Women Hajj: मुस्लिम महिलाओं ने मेहरम पर सरकार द्वारा प्रतिबंध लगाने को अपनी जीत बताया है. महिलाओं का कहना है कि किसी भी धर्म में महिलाओं को उनके भगवान के दर्शन करने पर रोक नहीं है.
आखिर यह सब धार्मिक जटिलताएं मुस्लिम महिलाओं पर ही क्यों लागू होती हैं.
महिलाओं ने कहा कि इन सब बनाए गए नियमों में ऐसा प्रतीत होता है मानों हमारे समाज के पुरूष, महिलाओं को दबाए रखने का प्रयास कर रहे हों.
हज यात्रियों को सब्सिडी देती रहेगी सरकार
गौरतलब है कि केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि नई नीति में हज यात्रियों को बेहतर सुविधाएं दी जाएंगी.
नकवी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने 2022 तक हज यात्रियों को मिलने वाली सब्सिडी को खत्म करने का आदेश दिया है, जिसका सम्मान करते हुए सरकार आने वाले समय में धीरे-धीरे हज सब्सिडी खत्म कर देगी.
लेकिन मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने भी स्पष्ट कर दिया कि सरकार गरीबी रेखा वाले मुस्लिम लोगों को हज यात्रा कराने के लिए सब्सिडी जारी रखेगी. और हज यात्रियों को आयकर व जीएसटी से मुक्त भी रखेगी.
इसके अलावा उन्होंने कहा कि आने वाले कुछ सालों में सरकार हज यात्रा के लिए जल मार्ग को भी एक अन्य विकल्प के तौर पर इस्तेमाल करेगी. जिससे हज यात्रा करने वाले लोगों का खर्च काफी कम हो जाएगा.
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