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पढ़े, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी को लिखा वो पत्र जिसने राम रहीम को पहुंचा दिया जेल

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राम रहीम | ram rahim
फोटो साभार- डीएनए
डेरा सच्चा सौदा के मुखिया बाबा राम रहीम को जेल भिजवाने में उन्हीं की शिष्या रही दो बहनों की मुख्य भूमिका रही है. इन दोनों बहनों ने बाबा राम रहीम पर धर्म कै नाम पर बलात्कार का आरोप लगाते हुए 15 वर्ष पूर्व तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को पत्र लिखा था, जिसके बाद सीबीआई को मामले की जांच सौंपी गई थी.
राम रहीम | ram rahim
प्रधानमंत्री को लिखा गया पत्र
मामले में सीबीआई ने दोनों बहनों के आरोपों को सौ फीसद सच पाया. इसी मामले में 28 अगस्त 2017 को बाबा राम रहीम को इस मामले में सीबीआई स्पेशल कोर्ट के न्यायाधीश जगदीप ने 20 साल की जेल की सजा सुनाई है.
राम रहीम | ram rahim
प्रधानमंत्री को लिखा गया पत्र
क्या था मामला
वर्ष 2002 में पंजाब की रहने वाली दो बहनों ने तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को चिट्ठी लिखी थी. दोनों बहनों ने बाबा राम रहीम पर बलात्कार करने का आरोप लगाया था. चिट्ठी में बहनों ने अपना नाम सार्वजनिक नहीं किया था, क्योंकि उनको डर था की कहीं राम रहीम अपने गुंडों से उन्हें मरवा ना दे.
उन दोनों बहनों ने पत्र के माध्यम से बताया था कि उनके माता-पिता बाबा राम रहीम के अंधे भक्त हैं, जिस कारण उन्होंने हम दोनों बहनों को बाबा की सेवा में लगा दिया है. उन्होंने लिखा कि बाबा राम रहीम उनके साथ कई बार जबरदस्ती कर चुका है, लेकिन वे अपने माता-पिता को इसलिए नहीं बता सकी, क्योंकि वे राम रहीम को भगवान समझते हैं.
बहनों ने बताया कि आश्रम में 50 से अधिक युवतियों को बाबा की सेवा के लिए रखा गया है, जिनके साथ राम रहीम रासलीला करता था. उन्होंने कहा कि राम रहीम सैकड़ों लड़कियों के साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बना चुका है.
आपकों बता दें कि सबसे पहले बाबा राम रहीम के खिलाफ जिस पत्रकार ने अपने समाचार-पत्र में खबर प्रकाशित की थी, राम रहीम ने अपने गुंडों से उसकी भी हत्या करवा दी थी, 28 अगस्त को जब राम रहीम को 20 साल की कैद की सजा हुई तो उन दिवंगत पत्रकार के बेटे अंशुल छत्रपति ने खुशी व्यक्त की.
सुनवाई के दौरान हलचल
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत ने सोमवार को डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को अपनी दो शिष्याओं के साथ दुष्कर्म करने और आपराधिक धमकी देने के अपराध में 20 साल कैद की सजा सुनाई है.
राम रहीम को दो साध्वियों के साथ रेप के आरोप में 10-10 साल की अलग-अलग सजा भुगतनी होगी. साथ ही कोर्ट ने रामरहीम पर 30 लाख का जुर्माना भी लगाया है.
पंजाब कोर्ट के बाहर भारी मात्रा में सेना के जवानों ने मोर्चा संभाला हुआ था. फैसला आने से पूर्व ही सेना ने पूरे पंजाब में मोर्चा संभाल लिया था. सुरक्षा के एहतियातन पंजाब से लगती सीमाओं को सील कर दिया गया था.

बाबा राम रहीम ने सजा से बचने की खूब पसारी नौटंकी

बचाव पक्ष के वकील ने जहां दुष्कर्म के दोषी डेरा प्रमुख के सामाजिक कार्यो और खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए न्यूनतम सजा की मांग की, वहीं अभियोजन पक्ष के वकील ने दोषी के कृत्य का हवाला देते हुए अधिकतम सजा सुनाने की मांग की.
सुनारिया जिला जेल में लगी इस अदालत में नाटकीयता भी देखने को मिली, जब गुरमीत राम रहीम हाथ जोड़कर रुआंसे अंदाज में न्यायाधीश से माफ करने के लिए गिड़गिड़ा रहा था.