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UNESCO की विश्व धरोहर लिस्ट में ताजमहल का दूसरा स्थान, कुंभ मेला भी हुआ शामिल

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UNESCO : कुंभ मेले को कल्चरल हेरिटेज सूची में मिली जगह

UNESCO : मोहब्बत की निशानी कहे जाने वाले ताजमहल को यूनेस्को (संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन) ने विश्व धरोहर स्थलों की सूची में दूसरा स्थान दिया है.

पहले से ही दुनिया के सात अजुबों में शामिल ताजमहल को विश्व धरोहर स्थलों की सूचि में दूसरा स्थान मिलना अपने आप में देश के लिए एक बड़ी उपलब्धि है. इस सर्वे में कंबोडिया के अंकोरवाट मंदिर को पहले स्थान पर रखा गया है.
आपको बता दें कि यह सर्वेक्षण ऑनलाइन यात्रा पोर्टल ट्रिप एडवाइजर द्वारा कराया गया है. जिसमें सर्वेक्षण के आधार पर पूरे विश्व में पर्यटकों द्वारा मूल्यांकित किए गए यूनेस्को सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर स्थलों को सूचीबद्ध किया गया है.
ऑनलाइन ट्रैवल पोर्टल द्वारा कराए गए इस सर्वे से पता चला है कि दुनिया भर के लोेगों का मानना है कि आगरा शहर का ताजमहल प्राचीनकाल की बेमिसाल खूबसूरती और सच्चे प्यार की अनूठी मिसाल पेश करता है.
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वर्ष 1983 में ताजमहल को युनेस्को विश्व धरोहर स्थल में शामिल किया गया था, जिसके बाद 35 साल के सफर में ताजमहल सर्वश्रेष्ठ विरासतों की सूची में दूसरा स्थान प्राप्त कर अपना वर्चस्व कायम करने में सफल रहा है. यहीं नहीं  दुनिया भर से प्रतिवर्ष करीब लाखों लोग ताजमहल का दीदार करने भारत आते हैं.

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कुंभ मेले को भी मिली सूची में जगह
हिन्दुओं के अंदर कुंभ मेले को लेकर अटूट आस्था का अंदाजा शायद अब संयुक्त राष्ट्र के संगठनों को भी लग गया है. इसी वजह से यूनेस्को (UNESCO) ने भारत में लगने वाले हिंदुओं के इस पवित्र मेले को ग्लोबल इनटैन्जिबल कल्चरल हेरिटेज लिस्ट में जगह दी .
इस बात की जानकारी गुरुवार को खुद यूनेस्को ने अपने ट्विटर हैंडल के जरिए दी .
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बता दें कि यूनेस्को के अधीनस्थ संगठन इंटरगर्वनमेंटल कमिटी फोर द सेफगार्डिंग ऑफ इन्टेंजिबल कल्चरल हेरीटेज ने दक्षिण कोरिया के जेजू में हुए अपने 12वें सत्र में कुंभ मेले को ‘मानवता के अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर की प्रतिनिधि सूची’ में शामिल किया है.
गौरतलब है कि हमारे देश में महाकुंभ का आयोजन प्रत्येक 12 साल में इलाहाबाद,नासिक,हरिद्वार और उज्जेन में नदियों के तट पर होता है, जबकि प्रयाग और हरिद्वार में प्रत्येक 6 साल बाद अर्द्ध कुंभ का आयोजन भी किया जाता है.
भारत में लगने वाले हिंदुओं के इस विशाल महासमागम में दुनिया भर से करोड़ो की संख्या में श्रद्धालु आते हैं.