SC/ST बच्चों के लिए देश के हर विकास खंड में खुलेगा ‘एकलव्य स्कूल’

Eklavya School For SC ST Kids
demo pic

Eklavya School For SC ST Kids : 2018-19 के देश के आम बजट में इन स्कूलों को शुरू करने का प्रावधान किया गया था

Eklavya School For SC ST Kids : मोदी सरकार ने अनुसूचित जाति और नुसूचित जनजातिय के बच्चों के बीच शिक्षा के स्तर को बढ़ाने के लिए एक नया कदम उठाया है.

दरअसल आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी (सीसीईए) ने इस समूह से ताल्लुक रखने वाले बच्चों के कल्याण के लिए देश में 462 नए एकलव्य मॉडल आवासीय स्कूल खोलने की वैधानिक मंजूरी दे दी है.
समिति ने इसके लिए उन विकास खंडो का चयन किया है जहां अनुसूचित जनजाति की आबादी 50 प्रतिशत से ज्यादा हो..यहां फिर वहां कम से कम 20 हजार आदिवासी लोग रहते हों.
बता दें कि 2018-19 के देश के आम बजट में इन स्कूलों को शुरू करने का प्रावधान किया गया था. इसके तहत 2022 तक ये सभी स्कूल बना लिए जाएंगे.
पढ़ें – शाबाश ! यूपी का ये छोटा सा गांव कुछ यूं संवार रहा अपने स्कूली बच्चों का भविष्य
हाल में जारी किए गए सरकारी बयान में कहा गया है कि सीसीईए ने योजना के लिए 2018-2019 और 2019-20 के लिहाज से 2,242.03 करोड़ रुपये की आर्थिक लागत को मंजूरी दे दी है.
इसके अलावा समिति ने जनजातीय कार्य मंत्रालय के तहत एकलव्य मॉडल आवासीय स्कूलों को चलाने के लिए नवोदय विद्यालय समिति के समान एक स्वायत्त सोसाइटी गठित करने का प्रस्ताव भी पारित कर दिया है.
वहीं खेलों को भी बढ़ावा देने के लिए 163 आदिवासी बहुल जिलों में 2022 तक 5-5 करोड़ रुपये की लागत से खेल सुविधाएं भी स्थापित की जाएंगी.
भारत के 13,500 गांवों मे नहीं है स्कूल
हाल में ग्रामीण विकास मंत्रालय की स्कूलों की मौजूदा संख्या को लेकर एक रिपोर्ट सामने आई है जो भारत सरकार की सर्व शिक्षा अभियान योजना को धक्का देती है.
पढ़ेंजानिए भारत के अलावा कैसा है अन्य देशों में शिक्षा का स्तर
इस रिपोर्ट के मुताबिक पूरे देश में अभी भी 13,500 ऐसे गांव हैं जहां प्राथमिक स्कूल तक नहीं है.
इस मामले में यूपी सबसे पीछे है क्योंकी अन्य राज्यों के मुकाबले यहां के गावों की संख्या ज्यादा है जहां अब तक कोई स्कूल नहीं खुल सके हैं.