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Bihar Marriage : बिहार की शादियों में सरकार की दखल, नहीं माना आदेश तो दर-दर भटकेंगे बाराती-घराती

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Employee Dowry Affidavit
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Bihar Marriage : शादी से पहले देना होगा शपथपत्र

Bihar Marriage : अगर आप बिहार में शादी करने का मन बना रहे हैं तो उससे पहले आप यह खबर जरूर पढ़ लें.

दरअसल बिहार में बाल विवाह और दहेज प्रथा को रोकने के प्रयास के लिए सरकार ने एक नया अभियान चलाया है.
इस अभियान के तहत अब बिहार में होने वाली शादियों में वर-वधू द्वारा दिए जाने वाले सात वचनों में एक और वचन जोड़ा जा रहा है.
यह आठवां वचन शपथ पत्र के रूप में होगा जिसमें वर और वधु को लिखना होगा कि उनकी यह शादी बाल विवाह नहीं है और इसमें किसी भी तरह का दहेज का कई लेन देन नहीं हुआ है.
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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ चलाई जा रही मुहीम के तहत यह शपथ पत्र देना अब पूरे राज्य में अनिवार्य कर दिया गया है.
हालांकि शपथ पत्र भरवाने का जिम्मा मैरेज हॉल या सामाजिक स्थलों  के प्रबंधकों का होगा.
और अगर किसी ने शादी में यह शपथ पत्र लिखकर नहीं दिया तो उसे राज्य का कोई भी मेरिज हॉल अपने यहां शादी करने की इजाजत नहीं देगा.
गौरतलब है कि 2 अक्टूबर गांधी जयंती वाले दिन नीतीश कुमार ने बिहार के सभी स्कूलों, कॉलेज और सरकारी दफ्तरों में दहेज का लेन-देन ना करने की शपथ दिलवाई थी.
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साथ में उन्होंने लोगों से यह भी वचन लिया था कि जिस शादी में दहेज का लेन-देन हुआ हो, वह उस शादी का बहिष्कार करें.
सरकार की तरफ से जारी यह शपथ पत्र भी इसी का हिस्सा माना जा रहा है. यह पत्र शादी के समय वर-वधु या उनके परिजनों द्वारा मैरिज हॉल या अन्य सामाजिक स्थल के संचालकों के पास जमा कराना होगा.
आपको बता दें कि बिहार में आज भी 40 प्रतिशत नाबालिग लड़के लड़कियों का बाल विवाह किया जाता है. जबकि दहेज हत्या के मामले में देश में इस राज्य का दूसरा स्थान है.
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