गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने ‘डिजिटल पुलिस पोर्टल’ का किया शुभारंभ, बहुत कुछ हुआ सरल

फोटो साभार-पीआईबी
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केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने देश की कानून व्यवस्था को और अधिक पुख्ता और सरल बनाने के लिए डिजिटल पुलिस पोर्टल की शुरूआत की है. इस पोर्टल के माध्यम से अब पुलिस विभाग से जुड़े सारे काम डिजिटल प्रणाली के जरिए किए जाएंगे.
गृहमंत्रालय मे आपराधिक न्याय प्रणाली के अंतर्गत आने वाले पुलिस, न्यायालय, जेल, अभियोजन, फोरेंसिक प्रयोगशालाएं, फिंगर प्रिंट्स और किशोर गृह सहित विभिन्न अंगों को क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रेकिंग नेटवर्क एंड सिस्‍ट (सीसीटीएनएस) के डेटाबेस  को इस पोर्टल से जोड़ा जाएगा.
इस पोर्टल की शुरूआत करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि डिजिटल पुलिस पोर्टल नागरिकों को ऑनलाइन प्राथमिकी दर्ज करने में सक्षम बनाएगा.
उन्होंने जानकारी दी कि इस पोर्टल की शुरूआत देश के सभी राज्य और संघ शासित प्रदेशों में हो चुकी है. उन्होंने कहा कि अब सभी कर्मचारियों, किरायेदारों के पते का सत्यापन,सार्वजनिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए मंजूरी, खोई या पाई वस्‍तुएं और वाहन चोरी आदि जैसी सात सार्वजनिक सेवाओं की पेशकश यह पोर्टल करेगा.
गृहमंत्री ने कहा कि वर्तमान में सीसीटीएनएस परियोजना के तहत देश के 14,284 पुलिस स्टेशन इस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर रहे हैं. जबकि 13775 पुलिस स्टेशन ऐसे हैं जहां इस प्रणाली के तहत 100 प्रतिशत प्राथमिकियां भी दर्ज हो रही हैं. फिलहाल पूरे देश भर में अभी पुलिस थानों की संख्या 15,398 है. जिसमें से 1114 शेष पुलिस स्टेशन ही इस तकनीक से वंचित है.
केन्‍द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि सीसीटीएनएस पोर्टल देश भर में कहीं से भी किसी भी अपराधी के पूरे इ‍तिहास का ब्‍यौरा जांचकर्ताओं को उपलब्‍ध कराने में सक्षम रहेगा.
उन्‍होंने कहा कि ये सॉफ्टवेयर गूगल जैसे उन्‍नत सर्च इंजन और विश्‍लेषणात्‍मक रिपोर्टों की तर्ज पर पेशकश करता है .
इसके अलावा इस पोर्टल की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि है कि अब किसी भी पासपोर्ट आवेदक के घर उसकी पहचान को सत्यापित करने के लिए पुलिस नहीं आएगी.
केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि ने कहा कि जल्द ही सीसीटीएनएस को विदेश मंत्रालय की पासपेार्ट सेवा के साथ जोड़े जाने की उम्मीद है. जो की एक साल के अंदर ही पासपोर्ट आवेदकों का ऑनलाइन सत्यापन पुलिस द्वारा खुद जाकर सत्यापन करने की व्यवस्था को खत्म करेगा.
पीआईबी के इनपुट से