Home सरकारी अड्डा रक्षा मंत्रालय का बड़ा फैसला, शहीद के बच्चों को पढाई के लिए...

रक्षा मंत्रालय का बड़ा फैसला, शहीद के बच्चों को पढाई के लिए अब नही देना होगा कोई पैसा

SHARE
Martyrs Children Free Education
demo pic

Martyrs Children Free Education :10000 रुपए की निर्धारित रकम सीमा अब समाप्त

Martyrs Children Free Education : शहीद दिवस के एक दिन पहले रक्षा मंत्रालय ने शहीदों के परिवारों को बड़ी राहत देने का फैसला किया है.

दरअसल सरकार ने शहीद, विकलांग, लापता अफसरों और जवानों के बच्चों की शिक्षा का पूरा खर्च उठाने का फैसला लिया है.
गौरतलब है कि सरकार की तरफ से वर्तमान में बच्चों की शिक्षा के लिए ट्यूशन और हॉस्टल फीस की भुगतान के लिए 10000 रुपए की निर्धारित रकम दी जाती थी जिसे अब समाप्त कर दिया गया है.
बता दें कि सैनिकों और शहीद परिवारों ने इस निर्धारित पैसों को लेकर दुख जताया था और इसे सरकार से खत्म करने का आग्रह किया था.
रक्षा मंत्रालय ने अपने पुराने नियम में बदलाव करते हुए सेना की तीनों यूनिट के ऑफिसर रैंक और उनसे नीचे की रैंक के शहीदों और गुमशुदा जवानों के बच्चों का पूरा शैक्षिक खर्च उठाने का फैसला किया है.
वहीं इस फैसले का लाभ शरीर से विकलांग,लापता सैनिक, जंग में शहीद हुए सैनिकों के बच्चे अब से उठा सकेंगे.

http://

यह भी पढ़ें – SC/ST उत्पीड़न एक्ट में अब तुरंत नहीं हो सकेगी गिरफ्तारी, सुप्रीम कोर्ट ने माना हो रहा दुरुपयोग
तीनों सेनाओं पर लागू होगा आदेश
बता दें कि 10000 की समय सीमा को समाप्त करने के लिए सैनिकों के अलावा तीनों सेनाओं की संयुक्त चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी ने भी रक्षा मंत्रालय को पत्र लिखकर मौजूदा नियम की समीक्षा करने और इसे खत्म करने की मांग उठाई थी.
यहीं नहीं पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर पढ़ाई के खर्च की मौजूदा सीमा को ‘न्याय विरुद्ध’ बताया था.
क्या है ये योजना
बता दें कि सरकार ने इस योजना की शुरूआत 1971 की भारत-पाक की लड़ाई के बाद की थी. जिसमें शहीद के बच्चों को ट्यूशन और अन्य फीस (हॉस्टल, किताब, यूनिफॉर्म) का पूरा खर्च मिलता था जिसे बाद में ट्यूशन और हॉस्टल फीस की भुगतान सीमा 10 हजार रुपये तक कर दी गई थी.
लेकिन अब एक बार फिर पुरानी व्यवस्था को लागू कर दिया है.