Martyrs Children School : शहीद सैनिकों के बच्चों की पढ़ाई के लिए सेना बनाएगी बोर्डिंग स्कूल

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Martyrs Children School : कश्मीर में पढ़ाया जा रहा दो मैप

Martyrs Children School : भारतीय सेना ने जंग या आतंकियों से लड़ते हुए शहीद जवानों के बच्चों की बेहतर शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए बोर्डिंग स्कूल बनाने का फैसला किया है.

सेना प्रमुख बिपिन रावत ने शुक्रवार को इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि सरकार ने शहीद जवानों के बच्चों के लिए दो बोर्डिंग स्कूल बनाने के लिए अपनी मंजूरी दे दी है.
जनरल रावत ने मीडिया को बताया कि सरकार की तरफ से शहीद जवानों के बच्चों को शैक्षिक सहायता के रूप में हर महीने 10,000 रूपए दिए जाते हैं ताकि उनकी शिक्षा में किसी तरह की रूकावट ना आ सके.
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उन्होंने बताया कि जब यह बोर्डिंग स्कूल काम करने लगेगें तो बच्चों को दी जाने वाली शैक्षिक सहायता को वापस लेने के बारे में सरकार घोषणा कर सकती है.
जनरल बिपिन रावत ने जानकारी दी कि सरकार की तरफ से दिल्ली संस्कृति स्कूल की तर्ज पर दो शैक्षणिक संस्थान तैयार किए जाएंगे.
जिसमें से एक स्कूल पठानकोट में जबकि दूसरा भोपाल या सिकंदराबाद में बनाया जाएगा. हालांकि अभी इन स्कूलों में कामकाज शुरू होने में तीन से चार साल तक का समय लग सकता है.
इसके अलावा जम्मू कश्मीर के स्कूलों मे बच्चों को भारत और जम्मु कश्मीर के अलग नक्शे पढ़ाने पर भी उन्होंने गंभीर चिंता व्यक्त की है.
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उन्होंने राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य के स्कूलों में छात्रों को दो नक्शे यानि भारत के साथ साथ जम्मू कश्मीर का नक्शा अलग से पढाया जाना गलत है. उन्होंने कहा कि ऐसा करने से वहां के स्कूल शुरू से ही छात्रों को यह बता रहे हैं कि वो देश के दूसरे बच्चों से अलग हैं.
जनरल रावत ने कहा कि शायद इसी का दुष्परिणाम है कि कश्मीर घाटी में बीते कुछ समय से होने वाली पत्थरबाजी की घटनाओं में स्कूली छात्रों की संख्या में लगाातर इजाफा हो रहा है.

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