चावल खाना आपके लिए हो सकता है जानलेवा, कैंसर जैसी बीमारियों को दे रहा न्योता

Eating Rice Is Dangerous
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 Eating Rice Is Dangerous :स रसायन की मात्रा इतनी ज्यादा है कि उसे हम नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं.

Eating Rice Is Dangerous : हम में से कई ऐसे लोग हैं जिनका खाना बगैर चावल(Rice) के अधूरा सा रहता है, भोजन की थाली में चावल ना हो तो खाना जैसे पूरा सा नहीं लगता.

ऐसे में अगर आप भी इन लोगों में से आते हैं तो हम आपको बता दें कि आपकी थाली में मौजूद वो चावल आपके लिए खतरनाक साबित हो सकता है.
दरअसल चावल से जुड़ी कई शोध में शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि आप अगर रोजाना खाने में चावल ले रहे हैं, तो आप खतरनाक जहरीले रसायन भी शरीर में पहुंचा रहे हैं, इस जहरीले रसायन का नाम है ‘आर्सेनिक’.
सिर्फ इतना ही नहीं यहाँ उससे भी ज्यादा चिंताजनक बात ये है कि हमारे चावल में मौजूद इस आर्सेनिक रसायन की मात्रा इतनी ज्यादा है कि उसे हम नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं.
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शोधकर्ताओं के मुताबिक, आर्सेनिक के शरीर में पहुंचने के बाद ये जहरीला रसायन लोगों में कैंसर, दिल संबंधी बीमारी, डायबिटीज और कई दूसरी गंभीर बीमारियों का खतरा काफी हद तक बढ़ा देता है.  
यानि कि हम जिस चावल के बिना अपना खाना अधूरा मानते हैं वो चावल असल में हमारे शरीर में ऐसी-ऐसी बीमारियाँ पहुंचा रहा है जिसके बारे में जानकर आप भी अपना दिमाग खो देंगे.
मिट्टी में पाया जाता है ये खतरनाक रसायन 
जानकारी के लिए हम आपको बताएं तो आमतौर पर आर्सेनिक रसायन मिट्टी में पाया जाता है.  ऐसा माना जाता है कि आर्सेनिक मिट्टी में होता है जिसकी वजह से इसका थोड़ा असर मिट्टी से उगने वाली खाने की चीजों में भी आ जाता है.
लेकिन उनमें इसका स्तर बहुत कम होता है, जिस कारण इससे सेहत को नुकसान नहीं पहुंचता है. 
लेकिन चावल की फसल बाकी फसलों से काफी अलग तरीके से उगाई जाती है.इसकी फसल में अधिक पानी का इस्तेमाल किया जाता है जिस वजह से ज्यादा पानी में डूबी रहने की वजह से आर्सेनिक रसायन पानी में घुल जाता है और चावल की फसल इस जहरीले रसायन को भारी मात्रा में अपने अंदर खींच लेती है.
माना जाता है कि यही कारण है जिसके चलते चावल में आर्सेनिक रसायान दूसरी चीजों के मुकाबले 10 से 20 फीसदी ज्यादा  पाया जाता है. 
बेलफास्ट की क्वीन्स यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर एंडी मेहार्ग कहते हैं कि, “चावल में मौजूद आर्सेनिक नाम के जहरीले रसायन से आपको कितना खतरा होगा ये इस बात पर भी निर्भर करता है कि आप कितनी मात्रा में चावल खाते हैं.
जैसे कि जो लोग हफ्ते में एक या दो बार चावल खाते हैं उन्हें ये रसायन ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचता है. लेकिन छोटे बच्चों को चावल के सेवन से दूर रखना ही बेहतर होगा.”
कैसे करें बचाव 
अब चिंता की बात ये खड़ी होती है कि हम यूँ अचानक से कैसे चावल को अपनी डाइट से निकाल फेंके, ऐसे में हमारे पास आपकी इस समस्या का भी हल है.
जी हाँ, आप चाहे तो अपने चावल में मौजूद आर्सेनिक रसायन को कम कर सकते हैं. कैसे?
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प्रोफेसर मेहार्ग के मुताबिक, चावल को अगर आप ज्यादा पानी यानी 1 कटोरी चावल में 5 कटोरी पानी का इस्तेमाल कर पकाते हैं, तो इससे चावल में मौजूद आर्सेनिक रसायन के स्तर को कम किया जा सकता है. 
इसके अलावा एक और छोटा सा उपाय है जिसे करके आप अपने आप और अपने घरवालों को इस जहर से बचा सकते हैं.
अगर आप चावल को ज्यादा पानी में कुछ घंटों भिगोने के बाद बनाते हैं, तो इससे चावल में मौजूद आर्सेनिक रसायन का स्तर 80 फीसदी तक कम हो जाता है.
इस तरह आप चावल बनाने की इन तरकीबों को अपनाकर चावल खाकर भी खुद को सुरक्षित रख सकते हैं.