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पिता का धूम्रपान बच्चों के लिए बनता है कैंसर का कारण – शोध

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Father Smoking Habit Cause Cancer In Child
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Father Smoking Habit Cause Cancer In Child : एम्स के शोधकर्ताओं ने अपनी रिपोर्ट में इस बात को माना

Father Smoking Habit Cause Cancer In Child : धूम्रपान सेहत के लिए हानिकारक हैं इस तरह के विज्ञापन हर तरफ हम सबको देखने को मिल जाते हैं.
वहीं सरकार भी समय समय पर धूम्रपान करने से रोकने के लिए कई जागरूकता अभियान चला कर लोगों को जानकारी उपलब्ध कराती रहती है.
लेकिन इसके बावजूद भी इसकी लत से ना तो धूम्रपान करने वाला दूर हो पाता है और ना ही वो अपने परिवार को इससे होने वाली क्षति से बचा पाता है.
दरअसल हाल ही में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के शोधकर्ताओं ने धूम्रपान को लेकर एक और चौकाने वाला तथ्य सामने रखा है.
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शोधकर्ताओं ने बताया है कि धूम्रपान करने से न केवल उसे करने वाले व्यक्ति को कैंसर का खतरा होता है बल्कि उसके होने वाले बच्चे में भी इस बिमारी के होने की संभावना बनी रहती है.
आयुर्विज्ञान संस्थान के एनोटॉमी विभाग की प्रोफेसर रीमा दादा द्वारा किए गिए इस शोध में 131 पिता और आरबी कैंसर जीन वाले बच्चों के नमूने एकत्र किए. साथ ही 50 स्वस्थ जोड़ों के नमूने भी इसी से जुड़े शोध के लिए गए.
इन नमूने के आधार पर सामने आए परिणामों में यह स्पष्ट हुआ कि धूम्रपान करने वाले पुरुषों के शुक्राणुओं को ऑक्सीडेटिव डीएनए क्षति पहुंचती है, जिसके चलते उनके बच्चों में कैंसर का खतरा बढ़ जाता है.
शोध में आए इन परिणामों को देखकर कई शोधकर्ताओं ने इससे बचाव के लिए भी सुझाव दिए जिनमें उन्होंने योग से होने वाले फायदों को उच्च पर बताया.
प्रोफेसर रीमा दादा के मुताबिक, शोध में धूम्रपान छोड़कर योग और ध्यान करने से पिता के डीएनए में कम क्षति होती है, साथ ही इससे स्पर्म के डीएनए में भी सुधार होता है.
बता दें कि धूम्रपान करने वाले व्यक्तियों के जोड़ों की योग और ध्यान अनुपालन के साथ फॉलोअप पर बार-बार जांच करके यह सुझाव दिया गया है.
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शोध के नतीजों के मुताबिक धूम्रपान छोड़ने के लिए प्रयासरत व्यक्तियों और साथ ही योग का अभ्यास करने वालों में छह महीने की अवधि में डीएनए क्षति कम देखने को मिली है.
यही नहीं इससे उनके बच्चों में कैंसर की संभावनाएं भी कम आंकी गई हैं. यही कारण है कि योग चिकित्सकों ने भी एम्स में किए गए शोध पर सहमती जताई है.
एक रिपोर्ट के मुताबिक  साल 2016 में भारत 82.12 अरब सिगरेट का उत्पादन कर चुका है. जो दुनिया की 6 अहम तंबाकू कंपनियों का संयुक्त राजस्व 346 अरब डॉलर से ज्यादा था और भारत की कुल राष्ट्रीय आय के 15 प्रतिशत हिस्से के बराबर है.