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धूम्रपान करने वाले हो रहे इस जानलेवा बीमारी के शिकार, भारत में सामने आए डरा देने वाले आंकड़े

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Smoking Causes TB
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Smoking Causes TB : साल 2016 में धूम्रपान करने वाले 432,000 भारतीयों  ने टीबी रोग से संक्रमित होकर अपनी जान गवाई  

Smoking Causes TB : आजकल धूम्रपान करना युवाओं के लिए आम बात हो गई है, यही वजह है कि उनको टीबी होने का खतरा भी बढ़ता जा रहा है
यह बात हर कोई जानता है कि टीबी एक जानलेवा बीमारी है और अगर समय पर इसका इलाज और परहेज नहीं किया गया तो इसका अंतिम परिणाम मृत्यु हो सकता है.
इसलिए लंबे समय से खांसते रहने वाले लोगों को जल्द से जल्द टीबी का टेस्ट करा लेना चाहिए. केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने भी ‘कफ’ अभियान के चलते धूम्रपान को टीबी होने का मुख्य कारण बताया है.
आमतौर पर इस बीमारी की पहचान करना लोगों में सबसे ज्यादा परेशानी का सबब बनता है. धूम्रपान करने वाले लोगों को पता ही नहीं होता कि खांसी होने का कारण क्या है और इसका क्या परिणाम हो सकता है.
इसीलिए इस परेशानी में मदद देने के लिए सरकार ने कफ अभियान चलाया है, जिसका उद्देश्य टीबी रोग में जागरुकता फैलाना और इस रोग से जिंदगी बचाने का संदेश देना है.
इस अभियान में मरीज डॉक्टर से मिलकर लगातार हो रही खांसी और टीबी के लक्षणों की पहचान करने में जानकारी हासिल कर सकते हैं.
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2020 तक भारत का टीबी मुक्त लक्ष्य
आंकड़ों के अनुसार साल 2016 में टीबी के रोग से 432,000 भारतीयों की मौत हुई थी, यानि प्रतिदिन 1183 से ज्यादा लोग टीबी से मरे थे.
यहीं वजह है कि सरकार के कफ अभियान का उद्देश्य साल 2025 तक भारत से टीबी को खत्म करने का है.
आपको बता दें कि कफ अभियान को सरकार ने वाइटल स्ट्रेटजी तकनीक से डिजाइन किया है. जिसकी मदद से 2030 में होने वाले टीबी उन्मूलन में सहायता मिल सकें और धूम्रपान करने वालों में कमी आ सके.
यह अभियान धूम्रपान छोड़ने वालों को प्रोत्साहन देगा साथ ही सही समय पर टीबी की पहचान और इलाज कराने में उनके लिए मददगार भी साबित होगा.
वाइटल स्ट्रेटजी के प्रेजिडेंट और चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर जोस ल्युस केस्ट्रो का कहना है कि भारत में अधिकतर टीबी से होने वाली मौत 30 से 69 साल की उम्र के लोगों की होती है.
गौरतलब है कि 2017 में विश्व तंबाकू दिवस पर ‘कफ’ अभियान को लांच किया गया था.