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Mother Milk Bank : यूपी के केजीएमयू में मां का दूध जमा करने के लिए खुलेगा पहला मिल्क बैंक

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Mother Milk Bank : इस तरह काम करेगा मिल्क बैंक

Mother Milk Bank : यूपी में नवजात बच्चों को मां का दूध ना मिल पाने के कारण होने वाली मौतों को रोकने के लिए केजीएमयू प्रशासन ने मदर मिल्क बैंक खोलने का ऐलान किया है.

इसके लिए बकाएदा हॉस्पिटल प्रशासन ने तैयारियां भी शुरू कर दी है, जिसे नए साल में हर हाल में खोलने की योजना है. केजीएमयू में गुरुवार को वीसी प्रो. एमएलबी भट्ट की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस फैसले पर मुहर लगाई गई.
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क्यों जरूरी है मिल्क बैंक
किंग जार्ज मेडिकल कॉलेज(केजीएमयू) के पीडियाट्रिक विभाग की हेड प्रो.रश्मि कुमार ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि नवजात शिशु के जन्म के 1 घंटे के अंदर दिए जाने वाला मां का दूध बच्चे को कई बीमारियों से लड़ने की ताकत देता है.
उन्होंने कहा कि आकड़ो के मुताबिक हमारे प्रदेश में आज भी हर 10 में से 4 नवजातों को किसी कारण वश मां का दूध नहीं मिल पाता है. जिससे आगे चलकर उनके अंदर कूपोषण के बढ़ने का खतरा ज्यादा रहता है.
एक मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार छह माह तक स्तनपान न कराने से जहाँ एक तरफ बच्चों को डायरिया और निमोनिया जैसी गम्भीर बीमारियाँ हो जाती हैं वहीं दूसरी तरफ महिलाएं ओवरी और स्तन कैंसर जैसी बीमारियों से ग्रसित हो जाती हैं

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इस तरह काम करेगा मिल्क बैंक

केजीएमयू के डॉक्टरों के मुताबिक मेडिकल कॉलेज की महिला अस्पताल क्वीन मैरी में इलाज कराने के लिए आने वाली महिलाओं को ब्रेस्ट फीडिंग के लिए मोटीवेट किया जाएगा. मदर मिल्क बैंक में इलेक्ट्रिक ब्रेस्ट पंप मशीन लगाई जाएगी, जिसकी सहायता से डोनर से दूध लिया जा सकेगा.

इसके बाद माइक्रोबयॉलजिकल टेस्ट के जरिए इसकी गुणवत्ता जांची जाएगी. सबकुच सही होने के बाद दूध को कांच की बोतलों में 20 डीग्री तापमान पर 6 महीने तक के लिए सुरक्षित रखा जा सकेगा.
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 मदर मिल्क बैंक के प्रति बढ़ानी होगी जागरूकता
जन्म के तुरंत बाद मां का दूध ना मिल पाने के कारण नवजातों के बढ़ते मृत्यु दर को लेकर चिकित्सक और सामाजिक संगठन ने चिंता जताई है.
इसी के मद्देनजर जिम्मेदार लोगों द्वारा महिलाओं के अंदर ब्रेस्ट फीडिंग के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए कई तरह के प्रोग्रामों का आयोजन किया जा रहा.
वहीं दिल्ली के  कलावती अस्पताल और राजस्थान में चल रही मदर मिल्क बैंकों की तर्ज पर अब राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन भी मदर मिल्क बैंक बनाने की तैयारी में जुटा हुआ है.