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Anjum Saifi: 25 साल पहले हुई पिता की हत्या का बदला लेने के लिए बेटी बनी जज

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Anjum Saifi: अंजुम यूपीपीसीएस जे-2016 परीक्षा पास कर बनी जज

Anjum Saifi: अंजुम महज चार साल की थी, जब उसके पिता को गुंडों ने गोलियों से भुन डाला. इस हादसे के बाद पिता की गोद में घुमने वाली अंजुम एक ही झटके में बेसहारा हो गई .

जब अंजुम थोड़ी बड़ी हुई तो उसे अपने पिता की हत्या का अहसास हुआ. इसके बाद उसने ठान लिया था कि वह जज बनकर अपने पिता के गुनहगारों को सजा सुनाएगी.
अंजुम ने पास की जज की परीक्षा
Anjum Saifi: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद की अंजुम सैफी ने दिखा दिया है कि कड़ी मेहनत और बुलंद हौसलों के दम पर कुछ भी हासिल किया जा सकता है.
अंजुम ने यूपीपीसीएस जे-2016 परीक्षा पास की है जिसमें उसकी 159वीं रैंक आई है. आपको बता दें कि अंजुम तीन वर्षों से इस परीक्षा के लिए दिन-रात मेहनत कर रही थी.
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पिता की गुंडों ने की थी हत्या
Anjum Saifi: वर्ष 1992 में अंजुम के पिता राशिद अहमद की गुंडों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी.
दरअसल, अंजुम के पिता राशिद एक व्यापारी थे. और उस समय उनके बाजार में क्षेत्र के अपराधी सभी व्यापारियों से वसूली करते थे.
लेकिन राशिद ने उन्हें वसूली देने से इंकार कर दिया और दूसरे व्यापारियों से भी ऐसा ना करनी की अपील की. इससे गुस्साए अपराधियों ने राशिद को सरेआम गोलियों से भुन डाला जिसमें उनकी मौत हो गई थी.

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अंजुम की पढ़ाई के लिए मां ने लिया केस वापस
Anjum Saifi : यूपीपीसीएस जे-2016 के नतीजे आने के बाद अंजुम की मां बताती हैं कि उन्होंने अपने बच्चों की पढ़ाई में किसी तरह की बाधा ना आने के लिए अपने पति की हत्या का केस वापस ले लिया था.
अंजुम की मां कहती हैं कि अपने पति के ईमानदारी पूर्वक जीवन जीने के जिन सिद्धांतों को उन्होंने अपने बच्चों को सिखाया है उसका नतीजा अब आना शुरू हो गया है.
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बहन के सपनों के लिए भाई ने नहीं की शादी
Anjum Saifi : पिता की मौत के बाद परिवार के सामने दो वक्त की रोटी के इंतजाम का संकट खड़ा हो गया था. उस समय अंजुम के बड़े भाई दिलशाद ने परिवार की परिस्थितियों को समझा और कम उम्र में ही नौकरी करके घर का गुजारा करना शुरू कर दिया.
अंजुम बचपन से ही पढ़ाई में तेज रही है. बहन की पढ़ाई में रूचि देखकर भाई दिलशाद ने अपनी जरूरतों को रोककर बहन की पढ़ाई जारी रखी.
आपको बता दें कि बहन के सपने को पूरा करने के लिए 40 साल की उम्र होने के बावजूद दिलशाद ने आज तक शादी नहीं की.
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पिता का भी सपना था अंजूम जज बने
Anjum Saifi : अंजूम के पिता राशिद भी अंजुम को जज बनाना चाहते थे. वह अंजुम की मां से अक्सर कहते थे कि उनकी हसरत है कि अंजुम बड़ी होकर जज बने.
पिता के इसी सपने को पूरा करने के लिए अंजुम ने भी अपना जी-जान लगा दिया था. बेहद खराब परिस्थितियों में जिस तरह से अंजूम ने सफलता पाई है, वह हम सबके लिए प्रेरणा योग्य है.
टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यूह में अंजुम ने कहा कि वो चाहती हैं कि उनके पिता के हत्यारों को कड़ी से कड़ी सजा मिले.
ताकि वो अपराधी दूसरे किसी के साथ ऐसी घटना न कर सकें. क्योंकि जो दर्द उन्होंने और उनके परिवार ने सहा है, वह दूसरे किसी की झोली में न ही आए तो अच्छा है.

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