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प्रेमी जोड़े को ऑनर किलिंग से बचाने के लिए चेन्नई की महिला ने बनाया ऐप

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App Protect Honour Killings

App Protect Honour Killings : भारत में जाति प्रथा के चलते आज भी कई प्रेमी जोडों की हत्या कर दी जाती है

App Protect Honour Killings : हमें अपने इतिहास में कई ऐसी कहानियों का पता चलता है जिनकी बुनियाद सच्ची मोहब्बत पर टिकी हुई होती थी.

इनमें से कई लोगों ने अपने प्यार को पाने के लिए ना जाने कितनी कुर्बानियां दे रखी है. लैला मजनू से लेकर हीर रांझा तक ना जाने कितने ऐसे प्यार करने वाले युगल जोड़े थे जिन्हें उस समय के समाज की मानसिक कुरुतियों का सामना करना पड़ा था .
भारत ने 1955 में जाति आधारित भेदभाव पर प्रतिबंध लगाया गया था, लेकिन सदियों पुराने यह रिवाज आज भी कई लोगों की जिंदगी के दुश्मन बने हुए हैं.
यह हमारे देश के लिए सबसे बड़ी विडंबना और दुर्भाग्य है कि ‘सम्मान हत्या‘ या ‘ऑनल किलिंग‘ के नाम पर ना जाने कितने लोगों की जान उनके परिचितों द्वारा ले ली जाती है.
वैसे तो यह प्रथा उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक प्रचुर है, लेकिन देश में शायद ही ऐसा कोई राज्य हो जहां ऐसा ना हुआ हो.
हालांकि कई लोग समाज की मानसिकता को बदलने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं, जबकि बहुत से समाधानों में से कुछ हल अमल करने के लायक भी हैं, उदाहरण के लिए चेन्नई की वसुमति वासंथी .
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पेशे से ऐप डेवलेपर वसुमति प्यार करने वाले पुरूष और महिला जोड़ों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए भावुक हैं. वसुमति ने गैर जाति प्रेमी जोडों की सुरक्षा सुनुश्चित करने के लिए ‘कढल अरन‘ नाम का ऐप बनाया है जिसका हिंदी में  अर्थ ‘प्रेम का रक्षक‘ होता है
भारत के दक्षिण राज्यों में सम्मान हत्याओं की असल समस्या समझने के लिए वसुमति की यह ऐप लोगो की मदद करने में काफी काम आएगी. एक रिपोर्ट से पता चलता है कि 2013 और 2017 के बीच अकेले तमिलनाडु में ही 187 ऑनल किलिंग की घटनाएं हुईं हैं.
जबकि 2006 में ही सर्वोच्च न्यायालय ने अपने एक फैसले में माना था कि ऐसी हत्याओं में कुछ भी सम्मानजनक नहीं है. वास्तव में क्रूर सामंती-दिमाग वाले व्यक्तियों द्वारा की गई हत्या बर्बर और शर्मनाक काम हैं जो कि कठोर सजा के लायक हैं.
इस तरह काम करता है ऐप
वसुमति बताती हैं कि उनका यह ऐप डाउनलोड करना काफी आसान है. इसे डाउनलोड करने के बाद मदद के लिए उपयोगकर्ता को अपने संपर्क विवरण देना होगा और बताना होगा कि वह किस तरह की मदद चाहते हैं.
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मदद मांगने वाले शख्स के पास एक स्वयंसेवक फोन करेगा और स्थिति को पूरी तरह समझेगा और फिर उनकी मदद के लिए सही अधिकारी से उनकी बात करवाएगा.
कभी-कभी युगल को कानूनी सहायता, पुलिस की मदद की ज़रूरत होती है या कभी कभी वो अपने लिए आवास प्राप्त करने में मदद चाहते हैं.
यह एंड्रॉइड-आधारित ऐप पिछले साल लॉन्च किया गया था जिसके अपडेटेड वर्जन पर काम किया जा रहा था जिसे बीते 18 फरवरी को एक बार फिर लांच भी कर दिया गया है.
वहीं यदि आप भी इस काम के लिए स्वयंसेवा करना चाहते हैं या फिर इस संगठन का किसी भी तरह से हिस्सा बनना चाहते हैं तो इस नंबर पर कॉल  + 91-9865107107 कर सकते हैं.

साभार – द बेटर इंडिया

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