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Bengaluru School Helper : बेंगलुरु के इस स्कूल में काम करने वाली आया भी बोलतीं है अंग्रेजी

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Bengaluru School Helper :  छात्र हर रोज इन अम्माओं को पढ़ाते हैं अंग्रेजी

Bengaluru School Helper : अगर आप बेंगलुरु में पड़ने वाले कोरामंगल के नेशनल पब्लिक स्कूल जाएंगे तो वहां आया का काम करने वाली अम्माएं भी आपको अंग्रेजी में बात करती दिखेंगी.

जी नहीं यह उनकी कोई क्वालिफिकेशन या डिमांड का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह असर है इस स्कूल के द्वारा शुरू किए गए टेकपॉवर प्रोग्राम का.
इस प्रोगाम के तहत कक्षा 9वीं से 12 वीं तक के 24 छात्र हर रोज एक घंटा इन अम्माओं को अंग्रेजी पढ़ाते हैं.
रोजाना एक तय सेलेबस के तहत उनको अंग्रेजी अक्षरों से शब्द बनाने और फिर वाक्य बनाने तक की चीजें सिखाई जाती है.
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कैसे हुई शुरूआत
दरअसल दिसंबर 2015 में स्कूल ने अपनी तरफ से एक प्रोजेक्ट की शुरूआत की थी जिसके तहत कोशिश की गई कि स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे अपनी हेल्पर उर्फ अम्माओं को भी जान सकें.
लेकिन अम्माओं को भाषा का ज्ञान ना होने से छात्रों को उनसे बातचीत करने में बड़ी दिक्कत होने लगी थी.
इसके बाद स्कूल प्रशासन ने यह फैसला लिया कि अब से इन हेल्पर अम्माओं को भी अंग्रेजी सिखाई जाएगी. और उन्हें यह सिखाने का काम कोई टीचर नहीं बल्कि स्कूल के ही छात्र करेंगे.
आपको बता दें कि बच्चों के द्वारा अंग्रेजी सिखाए जाने पर ये अम्माएं भी काफी इंटरेस्ट लेने लगी हैं. अपने खाली समय में वो अब इधर उधर की बात करने के बजाए लाइब्रेरी में जाकर मैगजीन और अखबार पढ़ती हैं.
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34 साल की हेल्पर गोमती ने टाइम्स ऑप इंडिया को बताया कि वह हमेशा से अपने बच्चों को अंग्रेजी मीडियम स्कूल में पढ़ाना चाहती थीं पर उनहोंने खुद को लेकर ऐसा कभी नहीं सोचा था.
उन्होंने बताया कि पहले वह स्कूल के अध्यापकों और छात्रों से अंग्रेजी में बात नहीं कर पाती थी क्योंकि उनको सिर्फ कन्नड ही आती थी पर आज ऐसा नहीं है.
उन्होंने कहा कि पिछले दो सालों सें स्कूल प्रशासन और इन बच्चों की मदद से हमारी बोलने की स्थिति में काफी बदलाव आ गया है.

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