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हैदराबाद: जानवरों के अधिकारों की रक्षा के लिए देश को मिला पहला Animal Law Center

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Animal Law Center: जानवरों के अधिकारों पर होगी समीक्षा
हैदराबाद के नालसर यूनिवर्सटी में केंद्रीय महिला बाल कल्याण मंत्री मेनका गांधी  द्वारा देश के पहले Animal Law Center का उद्घाटन किया गया .
इस यूनिवर्सिटी में अब से पढ़ने वाले छात्र जानवरों के अधिकारों से जुड़े कानून और उनकी देखरेख संबंधित सभी तरह की रिसर्च और अध्यन कर सकेंगे.
ये केंद्र ह्यूमन सोसायटी इंटरनेशनल / भारत के सहयोग से काम करेगा.
उद्घाटन समारोह में मेनका गांधी ने इस केंद्र को जानवरों की सुरक्षा के लिए एक बेहतर कदम बताते हुए इसकी आवश्यकता पर बल दिया.
इसके अलावा उन्होंने इस केंद्र में पढ़ने वाले बच्चों को चीनी सामानों के बढ़ते इस्तेमाल से जनवरों पर पड़ने वाले फर्क जैसे विषयों पर शोध करने के लिए भी प्रेरित किया.
देश में कई जानवर विलुप्त होने का कगार पर
केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि हमारे देश में मौजूदा समय में जानवरों को मिलने वाली सुविधाओं की कमी से कई प्रजतियां खत्म होती जा रही हैं. उन्होंने जानकारी दी कि आज हमारे देश में केवल 1800 टाइगर ही बचे हुए हैं जो अन्य देशों के मुकाबले काफी कम है.
इसके अलावा वर्तमान में अब देश भर में सिर्फ 20,000 ऊंट ही शेष बचे हुए हैं, जबकि ऊंट की बहुत सी प्रजतियां तेजी से लुप्त होती जा रही हैं.
उन्होंने घटती ऊंट की संख्या को देश की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बताते हुए कहा कि अब तो हालात ऐसे बन गए हैं कि  रेगिस्तान से जुड़े बार्डर एरिया में बीएसएफ जवानों को पर्याप्त ऊंट भी नहीं मिल पा रहे हैं. जिससे जवानों को सरहद पर गश्त लगाने में मुश्किल हो रही है.
श्री मेनका गांधी ने अपने संबोधन में जानवरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उनकी प्रजनन शक्ति के साथ-साथ आर्थिक स्थिति को भी बढ़ाने पर जोर दिया.
यूनिवर्सिटी के मैनेजिंग डॉयरेक्टर का भरोसा
हालांकि नालसर विश्वविघालय की तरफ से जारी प्रेस नोट में कहा गया है कि यूनिवर्सिटी के Animal Law Center में पशुओं के संबंधित सभी मसलों पर रिसर्च की जाएगी.
इसके साथ ही इनपर वर्कशॉप आयोजित करने की भी शुरूआत की जाएगी.
वहीं इस संस्थान के मैनेजिंग डॉयरेक्टर एनजी जयासिम्हा ने उम्मीद जताई की जानवरों के अधिकारों से जुड़े कानून और उनकी देखरेख संबंधित हमारी इस कोशिश से बहुत से बदलाव आएंगे.
उन्होंने कहा कि आज तक हमारे देश में अन्य कानून की पढ़ाई के मुकाबले इस ब्रांच की बहुत अनदेखी की गई है.
मगर अब ऐसा नहीं होगा क्योकि इसका जुड़ाव हमसे कुछ खास है.