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Hyderabad Eco Friendly Toilet: हैदराबाद में प्लास्टिक की बोतलों से रश्मि ने बनाया शौचालय

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Hyderabad Eco Friendly Toilet: पर्यावरण के लिए भी लाभकारी है ये शौचालय

Hyderabad Eco Friendly Toilet: भारतीय टीम के खिलाड़ियों की नीली जर्सी को देखते ही हमारे अंदर अपने आप देश भक्ति की भावना जाग उठती है.

लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन जर्सी के कपड़ों के पीछे एक और चीज छिपी है जो इसे बेहद खास बनाती है.
आपको ये जानकार हैरानी होगी कि इस जर्सी को बनाने के लिए प्लास्टिक की पीइटी बोतलों का इस्तेमाल किया जाता है.
दरअसल इन बोतलों को रिसाइकल करके उसे एक पतले सूत में काटा जाता है. आपको बताते दें कि लगभग एक पूरी जर्सी की आउटफिट को तैयार करने के लिए 33 बोतलें का इस्तेमाल किया जाता है.
भारत में सबसे ज्यादा होती है पीइटी रिसाइकलिंग
Hyderabad Eco Friendly Toilet: गौरतलब है कि रिसाइकल की गई प्लास्टिक को हम बहुत से कामों के उपयोग में ला सकते हैं , अब तो इसका इस्तेमाल और भी अधिक बढ़ गया है.
काउंसिल ऑफ सांइटिफिक एंड इंडस्ट्रीयल रिसर्च की एक स्टडी के अनुसार भारत इस तरह की रिसाइकिल प्लासटिक(पीइटी) का इस्तेमाल करने वाले देशो की सूची में सबसे ऊपर है.
भारत में बनने वाली 65% पीईटी प्लासटिक को रिसाइकिल किया जाता है.

hyderabad eco friendly toilet

प्लास्टिक की बोतलों सें बनाया शौचालय
Hyderabad Eco Friendly Toilet: इसी प्लासटिक की बोतलों से शौचालय का निर्माण करके हैदराबाद की रश्मि तिवारी ने एक अलग उदाहरण दुनियां के सामने रखा है.
प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान से प्रेरित होकर इस आरकिटेक्ट ने पीइट की मदद से इन शैचालयों का निर्माण किया है.
रश्मि ने कॉलेज के एक प्रजोक्ट के तौर पर इसे बनाना शुरू किया जो आज ईको-फेंडली शौचालय के नाम से जाना जा रहा है.
सरकारी स्कूल में बना पहला पीईटी शौचालय
Hyderabad Eco Friendly Toilet: रश्मि ने अपना पहला पीईटी शौचालय हैदराबाद के एक सरकारी स्कूल डॉ अंबेडकर गवरमेंट स्कूल में बनाया. वहां के प्रचार्य द्वारा दी गई 18 हजार रुपए की मदद से उन्होंने इस शौचालय का निर्माण किया.
उन्होंनें ईंटो की जगह 1200 प्लास्टिक की बोतलों का इस्तेमाल किया जिसके अंदर मिट्टी, गोबर,गाय का मूत्र जैसी चीजें भारी हुई थी.
इसके अलावा सीमेंट और मिट्टी से प्लास्टर करने की वजह से रश्मि ने लगात का 30 प्रतिशत हिस्सा भी बचा लिया.

plastic eco toilet

शौचालयों की कमी को दूर करना चाहती हैं रश्मि
Hyderabad Eco Friendly Toilet: रश्मि चाहती हैं कि वो इसी तरह सरकारी स्कूलों मे और शौचालय बनाएं ताकि इनकी भारत में जल्दी से शौचालयों की किल्लत कम हो सके.
उन्होंने कहा कि शौचालयों के ना होने की वजह से कई जगह लड़कियों को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है. ऐसे में उनके लिए यह ईको- फ्रेंडली शौचालय मददगार साबित हो सकता है.
द बेटर इंडिया पर छपि खबरे के अनुसार रश्मि बताती हैं कि उन्हें इसे बनाने में दो हफ्ते का समय लगा जिसका उद्घाटन मई में किया जा चुका है.
वहीं ग्रेटर हैदाराबाद म्यूनसिपल कॉरपोशन के जोनल कमिशनर ने उनकी सराहना करते हुए उन्हें ऐसे ही 60-80 और शैचालाय बनाने को कहा है.
इस तरह की सोच और खोज भारत को पूर्ण रूप से साफ करने में मदद करेगी.

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