Home ह्मयूमन कनेक्शन केरल राज्य में बनेगा देश का पहला ट्रांसजेंडर क्लीनिक

केरल राज्य में बनेगा देश का पहला ट्रांसजेंडर क्लीनिक

SHARE
केरल
केरल मेडिकल कॉलेज
ट्रांसजेंडर समुदाय के प्रति अपनी प्रगतिशील पहल के लिए जाना जाने वाले केरल ने एक बार फिर सभी राज्यों के लिए एक उदाहरण स्थापित किया है.
केरल सरकार ने इस विशेष समुदाय के लिए राज्य में अलग से क्लीनिक खोलने की बात कही है.
इन क्लीनिकों में ट्रंसजेंडर समुदाय के इलाज के अलावा उनके लिंग-परिवर्तन की सर्जरी भी की जा सकेगी.
यह जानकारी केरल के स्वास्थ्य मंत्री के.के. शीलाजा ने स्थानीय दैनिक समाचार मनोरमा को दिए अपने इंटरव्यूह में दी.
लिंग बदलाव सर्जरी के लिए नहीं जाना पड़ेगा दूसरे राज्य
इन क्लीनिकों में ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए मनोवैज्ञानिक भी तैनात रहेंगे जो समय-समय पर उनकी काउंसिलिंग करते रहेंगे.
आपको बता दें कि आमूमन लिंग परिर्वतन की प्रक्रिया लंबी होती है और ऐसे में ट्रांसजेंडरों का विश्वास बनाए रखने के लिए और उन्हें हर तरीके से मानसिक तनाव से दूर रखने का काम क्लीनिक में मौजूद यह वैज्ञानिक करेंगे.
वैसे तो लिंग परिवर्तन की सर्जरी महंगी तो होती ही है लेकिन इसके लिए ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों को सर्जरी कराने के लिए तमिलनाडु और कर्नाटक जैसे पड़ोसी राज्यों के क्लीनिक पर निर्भर रहना पड़ता था.
लेकिन अब इन क्लीनिकों के खुलने के बाद ऐसा नहीं होगा. इन क्लीनिकों की मदद से ट्रांसजेंडरों के स्वास्थ्य के मुद्दों को लेकर बाकी लोगों में भी जागरुकता फैलेगी.
दो क्लीनिकों से हागी शुरुआत
शुरुआत में राज्य के दो मेडिकल कॉलेजों में यह क्लीनिक खोले जाएंगे. जिनमें से कम से कम एक में लिंग परिवर्तन की सुविधा उपलब्ध होगी.
पहला क्लिनिक अगले दो महीने के भीतर कोट्टयम के सरकारी चिकित्सा कॉलेज में खोला जाएगा.
इसके अलावा धीरे-धीरे राज्य में सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में ट्रांसजेंडर क्लीनिक खोलने के लिए योजना बनाई जा रही है.
सरकार की कोशिश है कि ट्रांसजेंडरों को राज्य में पूरा हक और हर सुविधा मिले. इसके लिए सभी ट्रांसजेंडरों को पहचान पत्र दिए जाएंगे.
इस कोशिश के लिए राज्य ने 10 करोड़ रुपए का बजट भी पारित कर दिया है.
गौरतलब है कि इस तरह के कदमों से देश के ट्रांसजेंडरों में समानता का भाव आएगा और यह हमारे देश के उत्थान के लिए भी यह बहुत अच्छा है.