Home ह्मयूमन कनेक्शन जब गश्त पर निकलती है Lady Lion कांदोनी, तो भाग खड़े होते...

जब गश्त पर निकलती है Lady Lion कांदोनी, तो भाग खड़े होते हैं वन तस्कर

SHARE
lady lion

Lady Lion: 10 सालों से वन तस्करी के खिलाफ लड़ रही

Lady Lion: झारखंड के पूर्वी सिंहभूम क्षेत्र के घने जंगलों में गश्त करती कांदोनी नाम की शेरनी की आहट सुनकर ही वन तस्कर भाग खड़े होते हैं.

जो क्षेत्र 10 साल पहले तक वन तस्करी का गढ़ माना जाता था, आज lady lion कांदोनी की वजह से वहां की वन संपदा क्षेत्र के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है.
अब आप सोच रहे होंगे कांदोनी सोरेन किसी शेरनी का नाम है, जी नहीं कांदोनी किसी शेरनी का नहीं बल्कि एक युवती का नाम है. जो किसी शेरनी से कम नहीं है.
पारंपरिक हथियारों से लैस रहती है कांदोनी
कांदोनी जब जंगल में गश्त के लिए निकलती है, तो वह अपने साथ पारंपरिक हथियार धनुष-तीर, कटारी, चाकू, भाला साथ लेकर चलती है. जब भी जरूरत होती है lady lion इन हथियारों का इस्तेमाल करने से पीछे नहीं हटती.
कांदोनी ने बताया कि वो दर्जनों वन तस्करों को अपने तीर के निशाने से घायल भी कर चुकी है.
आप को बता दें कि कांदोनी का वन तस्करों में इतना डर रहता है कि वे जंगल में घुसने से पहले सौ बार सोचते हैं.
यहां तक कि उनके डर का आलम यह है कि अगर जंगल में पेड़ के पत्ते की भी हिलने की आवाज आ जाए तो उनकी सिट्टी-पिट्टी गुल हो जाती है. कांदोनी की एक दहाड़ ही वन तस्करों के लिए काफी है.
10 साल से वनों की रक्षा कर रही है कांदोनी
जमशेदपुर शहर से करीब 60 किलोमीटर दूर पूर्वी मुसाबनी पंचायत में सड़कघुटू गांव है. कांदोनी इसी गांव के गरीब आदिवासी परिवार की बेटी है.
कांदोनी ने वर्ष 2007 से ही करीब 100 हैक्टेयर वन क्षेत्र की रक्षा अकेले अपने दम पर करनी शुरू कर दी थी.
जंगलों कि हरियाली से है लगाव
वह गांव के हरे-भरे जंगल को नष्ट होने नहीं देना चाहती है. इसके लिए वह रोज गश्त पर निकलकर कई किलोमीटर की दूरी तय करती है.
वन की रक्षा के लिए तेज चाल से पहरा देना, जंगल में दूर-दूर तक नजर रखना, वन माफिया पर काबू पाना, यह सब अब कांदोनी की दिनचर्या में शामिल हो गया है.
इसके अलावा कांदोनी ने गांव की अन्य महिलाओं को जोड़ कर वन सुरक्षा समिति बनाई है. इस समिति में 45 समर्पित महिलाएं हैं, जो पूरे जंगल की दिन-रात रक्षा करती हैं.
वन विभाग के अधिकारी भी कायल
मुसाबनी वन क्षेत्राधिकारी समीर कुमार भी कांदोली को जंगल की शेरनी से कम नहीं मानते हैं. वह कहते हैं कि महिला होकर वन तस्करों से लोहा लेना शेरनी ही कर सकती है.
उन्होंने बताया कि इस वन क्षेत्र में वन तस्करों पर लगाम लगाने में कांदोनी की मुख्य भूमिका रही है. इस वजह से उन्होंने कांदोली की समिति को पुरस्कार देने के लिए विभाग को प्रस्ताव भी भेजा गया है.