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बच्चों को पढ़ाई के लिए समझाने का तमिलनाडु के इस टीचर ने निकाला अनोखा तरीका

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Teacher Begging Student

Teacher Begging Student : घुटने पर बैठकर बच्चों से करते हैं पढ़ने के लिए विनती

Teacher Begging Student :आजकल सोशल मीडिया पर हम कई ऐसी शिक्षकों की वायरल वीडियो देखते रहते हैं जिसमें वो अपने छात्रों पर पढ़ाई या किसी अन्य शरारतों को लेकर उनके खिलाफ हिंसात्मक जुल्म करते दिखाई देते है.

इन वीडियो में हम यह साफ देख सकते हैं कि कैसे उन टीचरों की सख्ती मासूम बच्चों के लिए खौफ का मंजर बन जाती है.
लेकिन क्या आप यकीन कर सकते हैं की क्रुरता भरी मानसिकता वाले टीचरों के बीच एक ऐसा भी शिक्षक है जो अपने स्कूल के बच्चों को पढ़ने के लिए खुद उनके सामने घुटनों पर आकर हाथ जोड़कर विनती करता है.
जी हां, कुछ दिन पहले एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा था जिसमें एक शिक्षक अपने स्कूलों के छात्रों के सामने हाथ जोड़कर घुटने पर बैठे दिख रहे थे.
यह शिक्षक एक सरकारी विद्यालय के हेडमास्टर है जो अपने छात्रों के सामने हाथ जोड़कर उनसे पढ़ने के लिए विनती कर रहे थे क्योंकि वह कई विषयों में फेल हो गए थे.
विल्लुपुरम के 58 वर्षीय जी बालु 30 साल तक एक शिक्षक के तौर पर कार्यरत रहे हैं और अब प्रमोशन के बाद पिछले तीन सालों से हेडमास्टर के तौर पर काम कर रहे हैं.
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बालू ने हमेशा महसूस किया है कि छात्रों के साथ ज्यादा सख्त होने की जरूरत नहीं है बल्कि उनके साथ प्यार का इस्तेमाल किया जाना चाहिए.इसी वजह से वह हमेशा अपने छात्रों के बीच बहुत लोकप्रिय बने रहे हैं.
बालू जी का ऐसा मानना है कि उनके स्कूल में आने वाले ज्यादातर छात्र आर्थिक रूप से और जाति-आधारित बेहद वंचित पृष्ठभूमि से आते हैं. ऐसे में उनके अंदर पढ़ने के लिए कोई प्रेरणा नहीं होती. इसी कारण वो अपने सभी छात्रों को पढ़ाई के प्रति समझाने के लिए प्यार को ज्यादा तवज्जो देते हैं.
 घुटने पर बैठना नहीं लगता बुरा 
बालू जी बताते हैं कि उन्हें छात्रों के सामने घुटने टेक कर और उनसे पढ़ाई के लिए भीख माँगते हुए बिलकुल भी बुरा नहीं लगता. बल्कि उनका मानना है कि उनके ऐसा करने से छात्रों पर बेहद सकारात्तमक प्रभाव पड़ता है.
ऐसा इसलिए क्योंकि जब वह अपने हेडमास्टर को विनती करते देखते हैं तो उन्हें बुरा लगता है और वह पढने के बारे में सोचने लगते हैं और पूरी कोशिश करते हैं ताकि वो पास हो सके
बालू जी ने बताया कि पिछले साल स्कूल की 12वीं बोर्ड में 65 प्रतिशत बच्चे पास हुए हैं. लेकिन इस केवल 25 प्रतिशत छात्र ही अपनी अर्ध-वार्षिक परीक्षा में पास हुए थे जिससे वो बहुत परेशान थे.
फिर एक दिन उन्होंने तय किया कि वह छात्रों के घर जाकर उनके माता-पिता से मिलकर बात करेंगे और बच्चों के घरों मे जाकर उनके सामने हाथ जोड़कर उनसे पढ़ने की प्रार्थना करेंगे ताकि वो इस साल की बोर्ड परीक्षा में पास हो पाएं.
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बच्चों के भविष्य के प्रति रहते हैं सजग
बालू ने बताया कि वह पहले भी इस तरह से बच्चों को सही रास्ते पर ला चुके हैं. उन्होंने बताया जब वो सैलायूर के एक स्कूल में पढ़ाते थे तब वहां उनके क्लास में लगभग 4-5 छात्र थे, जो हमेशा नशे में आते थे और अपने जीवन में एक बहुत ही कठिन दौर से गुजर रहे थे.
उन्होंने बताया कि उन बच्चों को भी समझाने का उन्होंने यही तरीका इस्तेमाल किया था. जिसके बाद बच्चों ने ना सिर्फ शराब छोड़ी बल्कि सभी उस वर्ष पास भी हो गए और आज तक वे उनके साथ संपर्क में रहते हैं.
बालू का मानना है कि हर शिक्षक ऐसा नहीं कर सकता लेकिन उसे बच्चों के साथ प्यार भरा व्यवहार करना जरूरी है. इससे वह ना केवल पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन करते हैं बल्कि एक अच्छा इंसान भी बनते हैं.