कमलनाथ ने मध्य प्रदेश में ली सीएम पद की शपथ,कांग्रेस के 15 साल के वनवास को किया खत्म

MP CM Kamalnath Oath Ceremony

MP CM Kamalnath Oath Ceremony :72 साल के कमलनाथ ने राज्य के 18वें मुख्यमंत्री के पद पर शपथ ली है.

MP CM Kamalnath Oath Ceremony :  राजस्थान में अशोक गहलोत के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद अब मध्यप्रदेश में कमलनाथ ने भी सीएम पद की शपथ ले ली है.

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भोपाल के जम्बूरी मैदान में कमलनाथ को मुख्यमंत्री के तौर पर पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई.
राजस्थान की ही तरह एमपी में भी कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस के कार्यकर्ता इस शपथग्रहण समारोह के मुख्य गवाह बनें.
इसके अलावा पूर्व पीएम मनमोहन सिंह, एमपी के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान,ज्योतिरादित्य सिंधिया और एनसीपी चीफ शरद पवार सहित कई दिग्गज नेता मौजूद थे.
बता दें कि मध्यप्रदेश में 15 साल का वनवास खत्म होने के बाद कमलनाथ राज्य के 18वें मुख्यमंत्री के पद पर शपथ ली है.
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MP CM Kamalnath Oath Ceremony
34 साल की उम्र में जीता था पहला चुनाव
कांग्रेस के लिए कमलनाथ हमेशा से एक वफादार नेता और पार्टी कार्यकर्ता रहे हैं.
जब भी उनकी पार्टी को उनकी जरूरत महसूस हुई उन्होंने हमेशा एक पालनहार की भूमिका में पार्टी की छवि बनाने और उसे आगे बढ़ाने का काम किया है.
गौरतलब है कि कमलनाथ पहली बार 1980 में 34 साल की उम्र में छिंदवाड़ा(छत्तीसगढ़) से पहला लोकसभा चुनाव जीता था.
इसके बाद वो 1985, 1989, 1991,1988,1999,2004,2009 और 2014 में भी लगातार इसी सीट से चुनाव जीतते रहें.
छिंदवाडा में तो जीत का दूसरा नाम ही कमलनाथ है और इसकी सबसे बड़ी वजह है उनके द्वारा वहां किए गए कार्य.
नक्सलियों के गढ़ होने के बावजूद उन्होंने अपने व्यवहार और विकास के जरिए वहां के लोगों पर आज तक राज करते चले आ रहे हैं.
उनके कामों और पार्टी के प्रति लगन को देखते हुए नरसिम्हा राव की सरकार मे उन्हें पहली बार पर्यावरण मंत्रालय में केंद्रीय मंत्री बनाया गया था.
इसके बाद मनहोहन सिंह की भी दोनों सरकारों में उन्हें वाणिज्य मंत्रालय और सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय दिया गया.
MP CM Kamalnath Oath Ceremony
मध्यप्रदेश में पार्टी को किया दोबारा खड़ा
मध्यप्रदेश में कांग्रेस को मिले जनता के जनाधार को देखकर हम कमलनाथ की मेहनत को आंक सकते हैं.
किस तरह उन्होंने वहां 15 साल से अपना किला मजबूत किए शिवराज सिंह चौहान को कुर्सी से नीचे उतारा है, हालांकी इसमें उनका साथ ज्योतिरादित्य सिंधिया नें भी बखूबी निभाया है.
26 अप्रैल 2018 को वह पहली बार मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष बनें और अभी 2018 के चुनावों से महज 8 महीने पहले एक बार फिर इन्हें ही अध्यक्ष बनाया गया था.
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MP CM Kamalnath Oath Ceremony
इंदिरा गांधी के थे तीसरे बेटे
यूं तो कमलनाथ का जन्म 18 नवंबर 1946 में उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में हुआ था लेकिन हमेशा से उनकी कर्मभूमि मध्य प्रदेश ही रही थी.
शुरूआत से ही कमलनाथ गांधी परिवार के काफी करीबी थे क्योंकी इंदिरा गांधी के छोटे बेटे संजय गांधी स्कूल में उनके हॉस्टलमेट थे.यही वजह है कि दोनों की दोस्ती काफी अटूट थीऔर इसका उदाहरण हमेशा कमलनाथ जी ने दिया भी.
एक बार खुद इंदिरा गांधी छिंदवाड़ा लोकसभा सीट से लड़ रहे कमलनाथ के लिए चुनाव प्रचार करने आई थीं.
वहां इंदिरा जी ने चुनावी रैली में लोगों से कहा था कि कमलनाथ मेरे लिए तीसरे बेटे जैसे हैं. कृपया उन्हें वोट दीजिए’.
एक बार फिर उनके पोते और मौजूदा कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी ने उन्हें मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री घोषित कर अपनी दादी की कही उस बात को साबित भी कर दिया है.