दुनियाभर में अगर शुरू हो गई 5G सेवा, तो इनके हत्यारें बन जाएंगे हम

5G Network Dangerous For Birds

5G Network Dangerous For Birds : भारत में साल 2019 में  नई दिल्ली में  5G सेवा का ट्रायल शुरु किया जाना है.

5G Network Dangerous For Birds : हाल ही में अक्षय कुमार की फिल्म आई थी रोबोट 2.0, इस फिल्म में दिखाया और साफ़ तौर पर समझाया गया था कि इंसान अपनी ज़िन्दगी को सुगम बनाने के चक्कर में वातावरण और बेजुबान जानवरों-पक्षियों को किस तरह से नुकसान पहुंचाता जा रहा है.

हालाँकि इस फिल्म की तारीफ तो काफी हुई लेकिन शायद ही इस फिल्म की बात को किसी ने गंभीरता से लिया हो.
आपको जानकर हैरानी होगी कि हाल ही में अक्षय की फिल्म में बताई गयी ये बात सच साबित होती नजर आयी है.
जैसा की हम सभी जानते हैं कि भारत में साल 2019 में  नई दिल्ली में  5G सेवा का ट्रायल शुरु किया जाना है.
लेकिन आपको बता दें कि कुछ दिनों पहले नीदरलैंड में भी इस तरह का एक ट्रायल किया गया था और वहां जो उसके बाद हुआ वो शायद हम सब के दिलों को झकझोर सकता है.
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दरअसल इस ट्रायल की सफलता के बाद पता चला की 5g टेस्टिंग वाली जगह के करीब लगभग 300 स्टार्लिंग बेजुबान पक्षियों की जान चली गई.
अब सवाल ये खड़ा होता है कि क्या इससे भारत कुछ सीख लेकर बचाव करने का प्रयास करेगा की नहीं?
5G Network Dangerous For Birds
क्या है पूरा मामला?
अबतक मिली खबर के अनुसार लगभग एक सप्ताह पहले नीदरलैंड के शहर हेग के पार्क में कई पक्षियों की मौत हो गई थी.
हालांकि उस वक़्त लोगों ने इस बात पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया लेकिन, जब पक्षियों की मरने की संख्या ज्यादा होनी लगी तो इसकी जांच शुरु हुई.
बता दें कि अब सामने आई जांच में पता चला है कि करीब 300 पक्षी मर चुके हैं.  
दरअसल बताया जा रहा है कि रेलवे स्टेशन के पास 5G टेस्टिंग की गई थी जिसके बाद आसपास के इलाकों में पक्षी पेड़ से गिरने लगे.
सिर्फ इतना ही नहीं पक्षियों की मौत के अलावा इस इलाके की बत्तखों का भी तालाब में बर्ताव असामान्य दिखा.
जानकारों के मुताबिक बत्तख रेडिएशन से बचने के लिए  बार-बार अपना सिर पानी में डुबोती नजर आईं.
हालाँकि इस रिपोर्ट की अभी तक अधिकारिक पुष्टि तो नहीं हो पाई है, लेकिन शुरूआती जांच में ये माना जा रहा है कि 5g से ही इन पक्षियों की मौत हुई है.
मरे हुए पक्षियों की लैब में टेस्टिंग हो रही है जिसमें ये बात सामने उभर कर आई है कि पक्षियों में जहर के कोई निशान नहीं मिले लेकिन भारी मात्रा में आंतरिक रक्तस्राव हुआ जिसके चलते मौत हुई.
अक्षय कुमार की फिल्म 2.0 में उठाया गया था ये गंभीर मुद्दा 
ये महज़ एक संयोग है कि हाल ही में रिलीज़ हुई फिल्म रोबोट 2.0 में भी इस मुद्दे को उठाया गया था. इस फिल्म में अक्षय कुमार एक पक्षीराज की भूमिका में नज़र आये थे.
फिल्म के मध्यम से अक्षय कुमार ने लोगों को इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड रेडिएशन  (ईएमएफ) के प्रभाव से जागरूक कराने की कोशिश की थी.
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फिल्म में बेहद ही सटीकता से ये दर्शाया गया था कि कैसे सेलफोन और टॉवर से निकलने वाले रेडिएशन से बेजुबान पक्षी मौत की भेट चढ़ रहे हैं.
फिल्म में ये दावा किया गया है कि जो भी सेलफोन का यूज करता है, वह पक्षियों का हत्यारा है.
कई विशेषज्ञों का कहना है कि शहरी क्षेत्रों में जहां मोबाइल टॉवर की संख्या बहुत ज्यादा है, वहां इनसे निकलने वाले विकरण पक्षियों के लिए तनावपूर्ण स्थितियां पैदा करते हैं.