प्रणव मुखर्जी,नानाजी देशमुख और भूपेन हजारिका को भारत रत्न,जानें इनके बारे में थोड़ा बहुत

Bharat Ratna 2019

Bharat Ratna 2019 : राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर किया नामों का ऐलान

Bharat Ratna 2019 : सरकार ने 2019 में दिए जाने वाले देश के सबसे बड़े सम्मान भारत रत्न के नामों का ऐलान कर दिया है.

इस बार जिन लोगों को ये सम्मान दिया जाएगा उनमें देश के पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी,सामाजिक कार्यकर्ता व संघ विचारक नानाजी देशमुख और प्रख्यात संगीतकार भूपेन हजारिका जी का नाम शामिल है.
बता दें की नानाजी देशमुख और भूपेन हजारिका को मरणोपरांत भारत रत्न से नवाजा जाएगा.
इन नामों का ऐलान गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने किया है. आइए थोड़ा विस्तार से जानते हैं हमारे देश के नए भारत रत्नों के बारे में
Bharat Ratna 2019
प्रणव मुखर्जी
पूर्व राष्ट्रपति और देश के वित्त मंत्री रहे प्रणब मुखर्जी का जन्म 11 दिसंबर 1935 को पश्चिम बंगाल में हुआ था.
उनका सांसद बनने का राजनीतिक सफर सन् 1969 में कांग्रेस पार्टी द्वारा राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद शुरू हुआ है.

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लंबे समय तक कांग्रेस के एक वफादार नेता के तौर पर प्रणब दा ने अपनी पार्टी की सरकार में कई अहम मंत्रालय संभाला.
पहली बार 1984 में बड़ी जिम्मेदारी देते हुए प्रणब मुखर्जी को देश का वित्त मंत्री बनाया गया. इसके बाद नरसिम्हा राव सरकार में उन्होंने 1995 से लेकर 1996 तक विदेश मंत्री के रूप में भी काम किया.
यही नहीं 2004 और 2009 की UPA 1 और UPA 2 सरकार में उन्हें अहम पदों का कार्यभार सौंपा गया.
अंत में उन्होंने 25 जुलाई 2012 को भारत के 13वें राष्ट्रपति के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली.
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PC – Nanaji Deshmukh
नानाजी देशमुख
11 अक्टूबर 1916 को महाराष्ट्र के परभानी जिले के कडोली गांव में नानाजी देशमुख जा जन्म हुआ था.
इन्हें संघ के एक बड़े विचारक के रुप में भी जाना जाता है साथ ही जनसंघ के संस्थापक संदस्यों में से भी ये एक हैं.
बताया जाता है कि 1977 में जब जनता पार्टी की सरकार बनी तो उन्हें मोरारजी देसाई मंत्रिमंडल में शामिल होने का न्योता दिया गया .
मगर उन्होंने इस पद को बिना दे किए ही ठुकरा दिए और इसके पीछे का कारण बताया की 60 वर्ष से अधिक की उम्र के लोगों को सरकार से बाहर रहकर समाजिक कार्य करने चाहिए.
इन्होंने उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के 500 गांवों में पुनर्निर्माण कार्यों में अपना विशेष योगदान दिया है साथ ही आचार्य विनोभा भावे के द्वारा शुरू किये गये भूदान आंदोलन में भी इनकी सक्रिय भूमिका थी.
नानाजी का निधन 93 साल की उम्र में 27 फरवरी 2010 को चित्रकूट में हुआ था. उनकी इच्छा के मुताबिक उनके पार्थिव शरीर को ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (एम्स) को स्वेच्छा से दान में दे दिया गया था.
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भूपेन हजारिका
भूपेन हजारिका जी का जन्म 8 नवंबर 1926 में पूर्वोत्तर राज्य असम में हुआ था.
वो बहुमुखी प्रतिभा के गीतकार, संगीतकार और गायक थे, सिर्फ इतना ही नहीं वे असमिया भाषा के कवि, फिल्म निर्माता, लेखक और असम की संस्कृति और संगीत के अच्छे जानकार भी थे.
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उन्हें दक्षिण एशिया के श्रेष्ठतम जीवित सांस्कृतिक दूतों में से एक माना जाता है.
भूपेन हजारिका की सबसे बड़ी खास बात थी की वे समाज के तमाम गंभीर मुद्दों को अपनी फिल्मों और संगीत के माध्यम से बड़ी ही सरलता के साथ व्यक्त करते थे.
आज भी हजारिका जी का “ओ गंगा तुम बहती हो क्यों” गीत हर सुनने वाले भारतवासी के रोंगटे खड़े कर देता है.