“मैं तुझे देख लूंगा” कहना धमकी नहीं – गुजरात हाईकोर्ट का फैसला

I Will See You
demo pic

I Will See You : झगड़ों में लोगों को ये कहते हुए सुना जाता है ‘मैं तुझे देख लूंगा’.

I Will See You : हमारे देश में अक्सर होने वाले झगड़ों में लोगों को ये कहते हुए सुना जाता है ‘मैं तुझे देख लूंगा‘.

हालांकी ये एक गुस्से में कहा गया वाक्य होता है लेकिन ज्यादातर लोग इसे धमकी मान लेते है.
कई बार तो कुछ इसकी शिकायत लेकर पुलिस तक पहुंच जाते हैं, जिसके बाद इसे कहने वाले शख्स को काफी मुसीबत का सामना करना पड़ता है.
लेकिन अब ऐसा नहीं होगा और आपको मैं तुझे देखलूंगा कहने के बाद डरने की भी जरूरत नहीं है.
पढ़ें स्वास्थ्य सेवाओं में अधिक खर्च से बढ़ रही है दुनियाभर में गरीबी – WHO
ऐसा इसलिए क्योंकी गुजरात हाइकोर्ट ने इस वाक्य को आपराधिक धमकी मानने से इनकार कर दिया है.
बता दें की हाईकोर्ट ने एक वकील के खिलाफ दर्ज एफआईआर को अमान्य घोषित करते हुए यह फैसला सुनाया.
क्या है मामला
दरअसल साल 2017 में राज्य के साबरकंठा जिले के वकील मोहम्मद मोहसिन छालोतिया जेल लॉकअप में बंद अपने मुवक्किल से मिलने गए हुए थे.
लेकिन जेल में पुलिस ने वकील को कैदी से मिलने से रोक दिया, जिसपर दोनों तरफ से तीखी बहस हो गई.
इसके बाद गुस्से में तिलमिलाए वकील ने पुलिसकर्मियों को ‘देख लेने‘ और हाई कोर्ट में घसीट लेने की धमकी दे डाली.
इसके बाद पुलिस ने वकील के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने और ऑफिसर को उसकी ड्यूटी से रोकने का मामला दर्ज कर लिया.
इतना ही नहीं इस मामले को लेकर उसे जेल भी हो गई और तब से वो जेल में ही बंद है.
गौरतलब है की अपने ऊपर हुई इस कार्यवाही के बाद वकील ने ही पुलिस की एफआईआर के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.
पढ़ेंसुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद एक झटके में बेघर हो गए 10 लाख आदिवासी
कोर्ट ने क्या कहा
मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस ए. एस. सुपेहिया ने कहा, ‘किसी को देख लूंगा कहना धमकी नहीं है बल्की धमकी वह होती है, जिससे पीड़ित के दिमाग में किसी तरह का डर पैदा हो.
उन्होंने कहा की इस केस में ऐसी कोई बात सामने नहीं आ रही है इस वजह से इसे अधिकारी को दी गई आपराधिक धमकी नहीं समझा जा सकता है.
जज साहब ने अपने इस वाक्य को पूरा करते हुए एफआईआर रद्द कर दी और वकील को इस केस से मुक्त कर दिया.