Income Tax बचाने के लिए इन स्कीमों में करें निवेश नहीं रहेंगे परेशान

Income Tax Saving Methods

Income Tax Saving Methods :  बेहतर विकल्प जो दे सकता है आपको टैक्स में छूट

Income Tax Saving Methods : देश का बजट पेश हो चुका है, इस नए बजट में जहां 5 लाख की कमाई करने वाले लोगों को टैक्स में बड़ी छूट दी गई है, वहीं इससे बाहर रहने वालों के लिए टैक्स बचाने की चिंता शुरू गई है.

हम सभी चाहते हैं कि हम कैसे भी कर के कानूनी दायरे में रहकर अपना टैक्स बचा सकें.
ऐसे में हमारे सामने कई विकल्प आते हैं कि क्या हम बीमा में अपने पैसे लगायें या SIP कर दें? या फिर बेहतर होगा होम लोन ले लें?
तो अगर आप भी इसी तरह की चिंता से घिरे हुए हैं तो हम आज आपके लिए टैक्स बचाने के तरीके लेकर आये हैं जो आपकी परेशानी को यकीनन ही दूर कर देंगे.
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1. ELSS फंड्स
ELSS एक तरह का म्यूचुअल फंड होता है इसीलिए इसे टैक्स सेविंग म्यूचुअल फंड भी कहा जाता है. इसमें इक्विटी म्यूच्यूअल फंड्स की तरह आपका पैसा शेयरों में लगता है.
ऐसे में अगर आप युवा हैं और टैक्स बचाने के लिए लंबी अवधि के निवेश विकल्प में पैसे लगाना चाहते हैं तो इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम यानी कि ELSS आपके लिए सबसे बेहतरीन विकल्प साबित हो सकते हैं.
इस पर इनकम टैक्स कानून के सेक्शन 80C के तहत टैक्स छूट हासिल कर सकते हैं. ELSS फंड्स में इन्वेस्ट करने की आखिरी तारिख 31 मार्च है.
2. ULIPs
यूलिप एक बीमा योजना है, जो कई तरह के स्कीम्स के जरिये शेयर बाजार में निवेश करती है, लंबी अवधि में यूलिप बचत के लिए शानदार विकल्प है.
शेयरों में निवेश करने की रणनीति की वजह से यूलिप में दूसरे बीमा उत्पादों से बेहतर रिटर्न हासिल होता है.
यूलिप में रिटर्न शेयर बाजार की चाल पर निर्भर करता है. जितना बढ़िया बाजार प्रर्दशन करेगा, उतना बेहतर रिटर्न मिलेगा.
3. पेंशन प्लान्स 
सरकार पेंशन प्लान्स पर भी टैक्स छूट देती है. नेशनल पेंशन स्कीम में जमा की गई 1.5 लाख रुपए सालाना तक की रकम Section 80C के तहत टैक्स बचत के योग्य होती है.
नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS)का प्रदर्शन पिछले कुछ सालों में अच्छा रहा है. बहुत कम फीस स्ट्रक्चर भी इसे निवेश का आकर्षक विकल्प बनाता है.
शेयर बाजार से जुड़े उत्पादों में निवेश करने वाला यह देश में सबसे कम खर्च वाला निवेश प्रोडक्ट है. निकासी संबंधी नियमों में बदलाव और अतिरिक्त टैक्स-छूट की वजह से भी यह निवेशक की पसंद में शामिल हो गया है.
4. इंश्योरेंस
सेक्शन 80डी के अंतर्गत मेडिकल इंश्योरेंस के लिए भुगतान की गई प्रीमियम राशि कटौती के योग्य होती है.
इस सेक्शन के तहत क्लेम की जाने वाली अधिकतम राशि 60,000 रुपये तक हो सकती है, लेकिन इसमें कई उप सीमाएं भी शामिल हैं.
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5. नेशनल पेंशन स्कीम
एनपीएस एक लॉन्ग टर्म टैक्स सेविंग इन्वेस्टमेंट इंस्ट्रूमेंट है जिसकी मैच्योरिटी उस समय होती है जब आप 60 साल के हो जाते हैं.
मैच्योरिटी से पहले, एनपीएस फंड में से 20 प्रतिशत से ज्यादा पैसे निकालने की इजाजत नहीं है.
6. टैक्स सेविंग FD
अगर आप फिक्स्ड इनकम के विकल्प में निवेश करना चाहते हैं तो आप बैंक के टैक्स सेविंग FD में निवेश कर सकते हैं.
निवेश के इस विकल्प में कोई जोखिम नहीं होता और रिटर्न भी फिक्स्ड होता है. बैंक या पोस्ट ऑफिस में कराई जाने वाली टैक्स सेविंग FD से आप निवेश के वक्त सेक्शन 80C के तहत टैक्स बचा सकते हैं.
7.PPF
15 साल की लॉक-इन अवधि वाला टैक्स सेविंग निवेश विकल्प PPF छोटी बचत योजना में सबसे आकर्षक है.
पीपीएफ भी निवेश का ऐसा माध्यम है, जहां निवेशक को अच्छा रिटर्न मिलता है. अगर आप लंबी अवधि के वित्तीय लक्ष्य के हिसाब से इसे जोड़ दें तो PPF में निवेश से टैक्स सेविंग के साथ अच्छा रिटर्न भी कमाया जा सकता है.

8. SSY

सुकन्या समृद्धि योजना (एसएसवाई) गर्ल चाइल्ड के लिए एक छोटी बचत योजना है जिसे बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ स्कीम के तहत लांच किया गया है.
साल 2016-17 में इस स्कीम में 9.1 फीसदी की दर से ब्याज दिया गया जबकि मौजूदा ब्याज दर 8.1% है जो इनकम टैक्स छूट के साथ है. यह स्कीम बेटियों की पढ़ाई या शादी जैसे वित्तीय लक्ष्य के साथ जोड़ी जा सकती है.
09. सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम
 आपकी आयु 60 वर्ष से अधिक है तो  सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम के तहत बैंक या पोस्ट ऑफिस में खाता खुलवा सकते हैं.
इस एकाउंट में जमा रकम Section 80 C के तहत टैक्स छूट के योग्य होती है. 
हालांकी 55 साल के बाद VRS यानी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने वाले और सेना से रिटायर लोग इस अकाउंट को 60 साल से पहले भी खुलवा सकते हैं.
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10. हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम  
ये तो आप सभी जानते ही होंगे की गंभीर बिमारी व अस्पताल में भर्ती होने की नौबत आने पर यह काफी मददगार साबित होता है क्योंकि अस्पताल का सारा खर्च, बीमा कंपनी द्वारा उठाया जाता है.
यही वजह है की आज बड़ी तेजी से लोग ये प्रीमियम पॉलिसी खरीद रहे हैं ऐसा इसलिए क्योंकी बढ़ते हेल्थ केयर खर्च को देखते हुए हम सबके लिए ये जरूरी भी है.