पेट्रोल की पूरी लागत 34 रुपए फिर सरकार हमें 71 में क्यों बेचती है, समझे यहां

Petrol Diesel Actual Cost

Petrol Diesel Actual Cost : उदाहरण से समझिए पूरे तेल की लागत का खेल

Petrol Diesel Actual Cost : भारत में बेरोजगार,शिक्षा,किसानों की समस्या और महिला सुरक्षा से भी ज्यादा बड़ा मुद्दा अगर कोई रहता है तो वो पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतें.

इतिहास गवाह है कि पूर्व में ना जाने कितनी सरकारों को पेट्रोल डीजल की बढ़ती कीमतों की वजह से सत्ता की कुर्सी से नीचे उतरना पड़ा है.
लेकिन क्या आप जानते हैं कि पेट्रोल डीजल की जितनी कीमतें हम लोगों से वसूली जाती है उसे तैयार करने की लागत उसकी आधी रहती है.
अब यहां ये सवाल उठता है कि फिर सरकार हम लोगों को लागत की दोगुने दामों पर क्यों पेट्रोल डीजल बेचती है.इसी का जवाब संसद में शुक्रवार को खुद सरकार की तरफ से दिया गया.
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दरअसल एक लिखित जवाब में सरकार के वित्त राज्य मंत्री शिव प्रताप शुक्ला ने संसद में जानकारी दी कि मार्केट में बिकने वाले पेट्रोल में 96.9 फीसदी और डीजल में 60.30 फीसदी हिस्सेदारी टैक्स और डीलर्स कमीशन की होती है.
नोट – राजधानी दिल्ली में डीलर्स के कमीशन के बिना पेट्रोल पर केवल 34.04 रुपए वे डीजल पर 38.67 रुपए प्रति प्रति लीटर की लागत आती है.
उदाहरण से समझिए तेल की लागत का खेल
राज्य मंत्री शिव प्रताप शुक्ला ने इसे उदाहरण की मदद से इस पूरी प्रक्रिया को समझाया.
उन्होंने बताया कि 19 दिसंबर को पेट्रोल की खुदरा कीमत 70.63 रुपए प्रति लीटर थी. इसमें प्रति लीटर 17.98 रुपये का उत्पाद शुल्क, 15.02 रुपय राज्य का वैट और 3.59 रुपए डीलर्स कमीशन शामिल है..
अगर इन सभी टैक्स को मिला लिया जाए तो ये करीब 36 रुपए के करीब बैठता है.यानी की हम जितना पेट्रोल की कीमत नहीं अदा कर रहे उससे ज्यादा उसपर लगने वाले टैक्स हमें देने पड़ रहे हैं.
डीजल का भी कुछ ऐसा ही है
अगर बात डीजल की करें तो 19 दिसंबर को डीजल की खुदरा कीमत 64.54 प्रति लीटर थी, जिसमें 13.83 रुपये उत्पाद शुल्क, 9.51 रुपये राज्य का वैट और 2.53 रुपये डीलर कमीशन शामिल है.
 सरकार को उठाना पड़ रहा नुकसान
एक अन्य सवाल के जवाब में मंत्री महोदय ने कहा कि अक्टूबर में पेट्रोल डीजल की बढ़ती कीमतों को रोकने के लिए सरकार ने एक्साइज ड्यूटी में कटौती करी थी.
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जिसकी वजह से केंद्र सरकार को अनुमानित तौर पर 7000 करोड़ रुपए के रेवेन्यू का लॉस हुआ है.
गौरतलब है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें मार्केट द्वारा तय होती हैं और इनमें रोजाना बदलाव होता है.
पिछले वित्त वर्ष से तुलना करते हुए शुक्ला जी ने जानकारी दी कि गत वर्ष एक्साइज ड्यूटी के माध्यम से पेट्रोल पर 73,516.8 करोड़ रुपए और डीजल पर 1.50 लाख करोड़ रुपए का रेवेन्यू हासिल किया