दुनिया के टॉप 10 प्रदूषित शहरों में अकेले भारत के 7 शहर, गुरुग्राम है नंबर 1

World Most Polluted Cities
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World Most Polluted Cities : प्रदूषित 10 शहरों में से 7 तो भारत के ही हैं.

World Most Polluted Cities : बढ़ते प्रदूषण के मामले में भारत हर रोज एक नया इतिहास रच रहा है,यकीन नहीं होता तो इस रिपोर्ट को ही देख लें.

हाल ही में प्रदूषण को लेकर हुए अध्ययन के मुताबिक दुनिया के सबसे ज़्यादा प्रदूषित 10 शहरों में से 7 तो भारत के ही हैं.
यही नहीं इसमें टॉप पर यानी पहले स्थान पर दिल्ली से सटा अपना गुरुग्राम यानी गुड़गांव शहर ही है.
अंतराष्ट्रीय संस्था ग्रीनपीस द्वारा जारी आंकड़ों में बताया गया है की वर्ष 2018 के दौरान प्रदूषण स्तर के मामले में गुरुग्राम दुनिया के सभी शहरों से आगे रहा है.
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सिर्फ गुरुग्राम ही नहीं इस रिपोर्ट में टॉप 10 में NCR के गाजियाबाद, फरीदाबाद, भिवंडी और नोएडा भी शामिल हैं.
ये है टॉप 10 लिस्ट
दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों की टॉप 10 लिस्ट में गुरुग्राम के बाद दूसरे नंबर गाज़ियाबाद, तीसरे स्थान पर फैसलाबाद (पाकिस्तान), चौथे पायदान पर फरीदाबाद तथा पांचवें नंबर पर भिवाड़ी मौजूद हैं.
जबकी इस सूचि में छटा स्थान नोएडा ,सातवें पर पटना (बिहार), आठवें पर चीन का होटन शहर हैं.
इसके बाद अंतिम दो में नौवें पर लखनऊ (उत्तर प्रदेश) और अंत में (10वें) पायदान पर पाकिस्तान का ही लाहौर शहर मौजूद है.

वहीं राजधानी दिल्ली इस बार टॉप 10 से बाहर हो गई है और उसका स्थान इस लिस्ट में 11वां है.

बता दें की ये वो शहर हैं जहां एयर क्वॉलिटी इंडेक्स PM 2.5 का स्तर 200 से ऊपर या उसके आस पास है.
यह स्तर स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद खराब है और इसका शरीर के फैफड़ों पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है.
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वायु प्रदूषण से लाखों लोग गंवा रहे जान
इसी बीच संयुक्त राष्ट की एक अन्य रिपोर्ट ने प्रदूषण को लेकर दुनिया को एक नया आइना दिखाया है.
संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के मुताबिक वायु प्रदूषण के कारण हर वर्ष 70 लाख लोगों की मौत हो जाती है, जिनमें छह लाख बच्चे भी शामिल हैं.
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6 अरब से अधिक लोग इतनी प्रदूषित हवा में सांस ले रहे हैं, जिसने उनके जीवन, स्वास्थ्य और बेहतरी को खतरे में डाल दिया है. इसमें एक-तिहाई संख्या बच्चों की हैं.
पयार्वरण और मानवाधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत डेविड आर.बॉयड ने कहा कि लोगों को स्वच्छ हवा में सांस लेने का मूल अधिकार है.बॉयड ने कहा कि अच्छी परंपराओं के कई उदाहरण हैं, जैसे भारत और इंडोनेशिया में चलाए जा रहे कार्यक्रम.
भारत में जिस तरह कोयला आधारित विद्युत संयंत्रों को सफलतापूर्वक हटाया जा रहा है उससे प्रदूषण को कम करने में खासा मदद मिल सकती है.
यही नहीं ग्रीनपीस इमेट और एनर्जी के सीनियर कैंपेनर सुनील दहिया ने कहा की हाल ही में भारत में पर्यावरण और वन मंत्रालय के द्वारा राष्ट्रीय स्वच्छ एयर प्रोग्राम (NCAP) की शुरुआत की गई, जो एक महत्वपूर्ण पहलू है.