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बंगलुरू- गरीब बच्चों तक किताबें पहुंचाने के लिए एनजीओ मंत्रा ने शुरू की, ‘लाइब्रेरी ऑन व्हील’ सेवा

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 मंत्रा एक ऐसी गैर सरकारी संस्था , जिसने बंगलुरू में गरीब बच्चों की पढ़ाई में मदद करने के लिए एक अनोखा तरीका निजात किया है.

इस एनजीओ का संचालन बंगलुरू के ही दो इंजीनियर संतोष मोरे और खुशबू अवस्थी कर रहे हैं. ये दोनों शहर के तमाम पिछडे़ स्कूलों से जुड़कर वहां आने वाले गरीब बच्चों की पढ़ाई के स्तर को सुधारने में उनकी मदद कर रहे हैं.
इस संस्था की कोशिश है कि वो ऐसे गरीब बच्चों की मदद कर सके जिनके अंदर शिक्षा ग्रहण करने की चाहत तो है मगर पैसे के अभाव में उनके लिए यह संभव नहीं हो पा रहा है.
#सफर की शुरुआत
संतोष और खुशबू के बच्चों की शिक्षा के क्षेत्र में कुछ करने का सफर शुरू हुआ एक पत्र के माध्यम से. इन दोनों ने दो वर्ष पूर्व क्रिसमस की पूर्व संध्या को एक स्कूल के बच्चों से संता बनकर उनके उपहार की पसंद जानने के लिए पत्र लिखा.
बंगलुरू | bangalore
फोटो साभार- मिलाप
इस पत्र के जवाब में बच्चों ने खिलौने और कैंडीज़ के बजाए संता से किताबों की मांग कर दी. उन्होने ऐसा इसलिए किया क्योंकि स्कूल में लाइब्रेरी के लिए जगह न होने की वजह से बच्चों को पढ़ाई करने में परेशानी आ रही थी.  पत्र में बच्चों की मासूमियत भरी मांग को पढ़कर दोनों हैरान और परेशान हो गए. इसके बाद दोनों ने इन बच्चों की मदद करने का फैसला किया.
#चलती फिरती गाड़ी
दोनो कुछ दिन तक बच्चों के लिए लाइब्रेरी तैयार करने के बारे में सोचते रहे,पर कैसे? ये समझ नहीं पा रहे थे.
तभी उनके मन में एक दिन बच्चों तक किताबें पहुँचने के लिये मोबाइल लाइब्रेरी बनाने का विचार आया. उन्होंने योजना बनाई की वो किताबों को एक साथ वैन में भरेंगे और इसे एक स्कूल से दूसरे स्कूल तक ले जाएंगे.
#मुश्किल राहें
मगर एक चलती फिरती लाइब्रेरी बनाने में पैसे की काफी लागत लग रही थी. लेकिन इन्होंने हिम्मत नहीं हारी और मोबाइल लाइब्रेरी प्राप्त करने के लिए बाहरी लोगों से धन जुटाने का फैसला किया.
उन्होंने इसके लिए भीड़ से पैसे जुटाने का एक अभियान शुरू किया जो काफी सफल भी हुआ. इस अभियान से उनके पास मोबाइल लाइब्रेरी को तैयार करने के लिए पर्याप्त धन इकट्ठा हो गया.
मंत्रा संस्था के नाम से दोनों ने बंगलुरु में के आर मार्केट के पास सामुदायिक केंद्र का इस्तेमाल किया. जिससे आस पास के स्कूलों के छात्रों को उनकी वैन से किताबों का इस्तेमाल करना आसान हो गया.
इसके अलावा इनकी संस्था स्कूलों के बच्चों के लिए लाइब्रेरी ऑन व्हील की सुविधा भी प्रदान कर रही है.

साभार – द बेटर इंडिया