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कॉरपोरेट कंपनियां सीएसआर की 7 प्रतिशत राशि स्वच्छ भारत कोष में जमा कराएं- भारत सरकार

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स्वच्छता अभियान की शुरूआत करते राष्ट्रपति
इस समय पूरे देश में सरकार के मंत्रियों की तरफ से  स्वच्छता सेवा अभियान की शुरूआत की जा रही है.
भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी शुक्रवार को कानपुर के इस्वरिगंज गांव से स्वच्छता सेवा अभियान की शुरूआत हरी झंडी दिखाकर की .
इस स्वच्छता सेवा अभियान में भारत को स्वच्छ रखने के लिए कई तरह की गतिविधियों को शामिल किया गया है.
इस अभियान के तहत लोगों को स्वच्छता में सुधार, घर में शौचालयों का निर्माण और खुले में शौच मुक्त वातावरण बनाने के लिए श्रमदान करने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा.
इसके अलावा  अभियान को सफल बनाने के लिए सरकार की तरफ से कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) निधि के तहत कंपनियों को फंड देने के लिए भी कहा गया है.
स्वच्छ भारत मिशन का लक्ष्य
स्वच्छ भारत मिशन(एसबीएम) के तहत पूरे देश में 12 करोड़ शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है. जिसे पूरा करने के लिए 2 लाख करोड़ रुपये की आवश्यकता है.
इस बात को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय कानून मंत्री न्याय पी.पी. चौधरी ने 11 लाख से अधिक कंपनियों के प्रमुखों को एसबीएम में अधिक से अधिक समर्थन देने के लिए पत्र लिखा है.
इस पत्र में उन्होंने कॉर्पोरेट कंपनियों को अपने सीएसआर की 7 प्रतिशत राशि स्वच्छ भारत कोष में जमा कराने के लिए कहा है.
इसके साथ ही कर्मचारियों को 2 अक्टूबर तक सफाई अभियान चलाने का निर्देश भी दिया गया है.
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दैनिक वस्तुओं पर जीएसटी कम करे सरकार
वहीं ग्लोबल सीएसआर गुड़ेरे की संस्थापक रिचा बाजपेई ने सरकार के पत्र के जवाब में कहा कि अगर वो कंपनियों को स्वच्छ भारत कोष में पैसे जमा कराने के लिए प्ररित कर रहे हैं तो उन्हें साबुन, सैनिटरी नैपकिन,आदि जैसे दैनिक स्वच्छता में इस्तेमाल होने वाले सामान पर जीएसटी को कम करना चाहिए.
जो कि वर्तमान में 12-18% तक लगाई जा रही है.
उन्होंने कहा कि 12 करोड़ शौचालयों के निर्माण के लक्ष्य तक पहुंचने के लिए 2 लाख करोड़ रुपये के निवेश की आवश्यकता है. जो बड़े पैमाने पर सरकारी निधियों से आना चाहिए.
जबकि कॉरपोरेट भारत पर टॉयलेट के रखरखाव के लिए टिकाऊ मॉडलों को विकसित करना और लंबे समय तक उसकी साफ-सफाई करने के लिए जोर देना चाहिए.
गौरतलब है कि कॉरपोरेट इंडिया ने वित्त वर्ष 2016-17 में स्वच्छ भारत मिशन पर 250 करोड़ रुपये सीएसआर के तहत खर्च किया है.

साभार- लाइव मिंट