जंग ही नहीं कूटनीतिक में भी पाकिस्तान का बाप है भारत,OIC में दिखा दम

India In OIC Meeting

India In OIC Meeting : सुषमा स्वराज को बतौर गेस्ट ऑफ़ ऑनर वहां बुलाया गया.

India In OIC Meeting : भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने मुस्लिम देशों के संगठन ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक को-ऑपरेशन (OIC) में अपना संबोधन दिया.

यहाँ ये जानना बेहद ज़रूरी है कि इस संगठन ने पहली बार भारत को आमंत्रित किया है और सिर्फ इतना ही नहीं उन्होंने भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को बतौर गेस्ट ऑफ़ ऑनर वहां बुलाया था.
याद रहे कि पाकिस्तान ने अपने भर पूरी कोशिश की थी कि भारत इस मंच तक नहीं पहुँच पाए, क्योंकी हम OIC के मेंबर नहीं है.
ऐसे में अपने पहले संबोधन में सुषमा स्वराज ने कहा कि, ” OIC के मंच पर आना मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान है. मैं इस मंच पर एक ऐसे देश का प्रतिनिधित्व कर रही हूँ जो ज्ञान का भंडार, शांति का संदेश देने वाला तथा कई धर्मों का घर होने के साथ एक बड़ी अर्थव्यवस्था भी है.”
पढ़ेंक्या है PRC ? जिसके चलते हिंसा की आग में झुलस रहा है अरुणाचल प्रदेश
आंतकवाद किसी धर्म की लड़ाई नहीं
सुषमा स्वराज ने OIC के मंच पर आतंकवाद के खिलाफ निशाना साधते हुए कहा कि….
“आतंकवाद दुनियाभर में लोगों की जान ले रहा है और अस्थिरता पैदा कर रहा है. दुनियाभर में आतंकवाद लगातार बढ़ रहा है और इसकी वजह से मरने वालों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है.
इसके खिलाफ लड़ाई किसी धर्म के साथ लड़ाई नहीं, उन्होंने इस्लाम धर्म का जिक्र करते हुए कहा कि, “अल्लाह के 99 नामों में किसी भी नाम का अर्थ हिंसा नहीं है. दुनिया का हर धर्म शांति का पाठ पढ़ाता है.”

जानकारी : OIC में पहली बार भारत को आमंत्रित किया गया है और इसका विरोध करते हुए पाकिस्तान बैठक में शामिल नहीं हुआ.

बिना नाम लिए पाकिस्तान को लताड़ा
हालाँकि सुषमा स्वराज ने इस मंच पर दिए अपने भाषण में एक बार भी पाकिस्तान का नाम तो नहीं लिया लेकिन उन्होंने ये कहकर अपना पक्ष साफ़ और स्पष्ट कर दिया कि..
अगर हमें मानवता को बचाना है तो आतंकवाद का समर्थन करने वाले, आतंकवाद को फंडिंग करने वाले और आतंकियों को शरण देने वाले देशों को कहना होगा कि वे अपने देश में मौजूद आतंकियों के कैंपों को नष्ट करें और उन्हें फंडिंग देना भी रोके.”
 India In OIC Meeting
क्यों खास है OIC ?
बताते चलें कि OIC संयुक्त राष्ट्र के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा इंटर गवर्नमेंटल ग्रुप माना जाता है.
चार महाद्वीपों के 57 देशों वाला यह संगठन करीब 1.5 अरब की आबादी का प्रतिनिधित्व करता है और इसके सदस्य देशों की कुल जीडीपी करीब 7 ट्रिलियन डॉलर है.
बताया जाता है कि OIC खुद की पहचान मुस्लिम दुनिया की सामूहिक आवाज के तौर पर करता है.
ये बात तो सभी जानते हैं कि दुनियाभर में मुस्लिम आबादी के पैमाने में भारत का तीसरा स्थान है, लेकिन इसके बावजूद भारत ना तो OIC का सदस्य है और ना ही इसे पर्यवेक्षक का दर्जा मिला है.
पढ़ेंHow’s The Josh ? 12 दिन बाद 12 भारतीय लडाकू विमानों ने की Surgical Strike-2
भारत के पहुंचने से तिलमिलाया पाक
भारत को इस मंच पर देखकर बौखलाए पाकिस्तान के विदेश मंत्री महमूद कुरैशी ने कहा है कि, “वर्तमान की परिस्थितियां देखते हुए मेरे लिए यह संभव नहीं है कि जिस बैठक में सुषमा स्वराज को बुलाया गया हो, वहां मैं जाऊं.”
इस मुद्दे पर बात करते हुए शुक्रवार को पाक संसद में विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी की यूएई के खिलाफ तिलमिलाहट खूब झलकी.
बौखलाए कुरैशी ने पाक संसद में OIC की बैठक में न जाने का ऐलान करते हुए कहा कि, “हम यूएई के क्राउन प्रिंस को उनके पिता के साथ संबंधों का वास्ता देकर गुरुवार रात तक मनाते रहे, लेकिन उन्होंने पाक की नहीं सुनी.”
ताज्जुब की बात है कि इस संगठन में तकरीबन हर वो देश सम्मिलित है जहाँ मुस्लिम आबादी है बस भारत नहीं.
हालाँकि बहुत कम ही लोग इस बात को जानते हैं कि जब सितंबर 1969 को राबात में हुई पहली इस्लामिक समिट कॉन्फ्रेंस का हिस्सा भारत था तभी OIC का जन्म हुआ था.
बताया जाता है कि उस वक़्त सऊदी अरब के राजा फैसल भारत को इसमें आमंत्रित करना चाहते थे लेकिन तब पाकिस्तान ने दबाव बनाते हुए भारत को संगठन से बाहर कर दिया.
गौरतलब है की पाकिस्तान 1990 के बाद से ही इस संगठन का इस्तेमाल भारत के खिलाफ करने में लगा रहा है.
 India In OIC Meeting
अब भारत को OIC के मंच तक पहुंचने का मौका कैसे मिला?
तकरीबन पांच दशकों तक पाकिस्तान ने लगातार भारत के खिलाफ अपना विरोध कायम रखते हुए इसे OIC से दूर रखा था.
लेकिन अब  भारत ने ना केवल OIC के सदस्य देश यूएई से नजदीकियां बढ़ाई हैं बल्कि पूरी दुनिया के मुस्लिम देशों के साथ भारत के रिश्ते मजबूत हुए हैं और यही वजह है कि आज भारत उस मंच पर शान से खड़ा है जहाँ अबतक पाकिस्तान उसे पहुँचने नहीं दे रहा था.
UAE ने माना कि भारत की वैश्विक स्थिति और मुस्लिम आबादी का सम्मान करते हुए भारत भी इस मंच पर होना चाहिए.
तुर्की ने भी इसका समर्थन किया और कहा कि भारत की OIC में ज्यादा बड़ी भूमिका होनी चाहिए.