अगर पाक ने हमारे पायलट को पकड़ा है तब भी वो उनका कुछ नहीं उखाड़ सकता, जानें वजह

IJEM Chief Masood Azhar

Indian Air Force Pilot In Pakistan Custody : आज पाक के विमान को मार गिराने के बाद क्रैश हो गया था भारतीय जेट

Indian Air Force Pilot In Pakistan Custody : भारतीय वायुसेना की तरफ से मंगलवार तड़के पाकिस्तान की सरजमीं पर जैश ए मोहम्मद के आतंकी ठिकाने पर हुए हमले के बाद दुश्मन देश बौखला गया है.

इसी बौखलाहट में आज उसने अपने लड़ाकू विमान F-16 से भारतीय सीमा में घुसपैठ करी.
पाक का मकसद हमारी सीमा में घुसकर हमारे सैन्य कर्मियों के ऊपर बम बरसाना था लेकिन हमारी वायुसेना की तत्पर्ता नें उसके इस मंसूबे पर पानी फेर दिया.
बता दें की जवाबी कार्यवाही में भारत ने उस पाकिस्तानी फाइटर जेट को मार गिराया है.
हालांकी इस दौरान हमारा भी फाइटर प्लेन तकनीकी कारणों की वजह से क्रैश हो गया जिसमें सवार पायलट अब तक लापता है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने थोड़ी देर पहले मीडिया को बताया की भारत की एयरस्ट्राइक के जवाब में पाकिस्तान ने एक्शन लिया. इसके बाद भारत ने उनके लड़ाकू विमान को मार गिराया. हालांकि, इस कार्रवाई में भारत का एक मिग विमान ध्वस्त हो गया है और हमारा एक पायलट लापता है. जिसकी जांच की जा रही है.
Indian Air Force Pilot In Pakistan Custody
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गौरतलब है की उधर पाकिस्तान का दावा है की उसने दो भारतीय पायलटों को अपने कब्जे में ले लिया है.
इसमें से एक पायलट की उसने वीडियो भी जारी करी है जिसमें उनकी आंखों पर पट्टी बंधी हुई और वो अपना नाम विंग कमांडर अभिनंनदन बता रहें हैं जिनका  सर्विस नंबर 27981 है. 
फिलहाल कुछ ताजा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत ने पाकिस्तान से अपने पायलट को सकुशल वापस लौटाने को कहा है.
अब यहां सबसे बड़े सवाल ये उठता है की युद्ध के दौरान दुश्मन देश के कब्जे में लिए गए सैनिकों के साथ वहां कैसा सलूक किया जाता है तो आइए जानते हैं …
दरअसल अंतरराष्ट्रीय जिनेवा संधि में युद्धबंदियों को लेकर कुछ खास नियम बनाए गए हैं.
इसके तहत युद्धबंदियों को डराने-धमकाने का काम या उनका अपमान नहीं किया जा सकता साथ ही साथ उसे लेकर जनता में किसी प्रकार की कोई उत्सुक्ता भी नहीं पैदा की जा सकती है.
हालांकी दुष्मन देश में पकड़े जाने पर युद्धबंदियों को अपना नाम, सैन्य पद और नंबर बताने का प्रावधान किया गया है.
संधि के मुताबिक, युद्धबंदियों पर या तो मुकदमा चलाया जाएगा या फिर युद्ध के बाद उन्हें लौटा दिया जाएगा.
गौरतलब है की जेनेवा संधि का मुख्य मकसद युद्ध के वक्त इंसानी मूल्यों को बनाए रखने के लिए एक कानून तैयार करना था.
Indian Air Force Pilot In Pakistan Custody
करगिल युद्ध से वापस लौटे पायलट
करगिल युद्ध बाद पाक ने लौटाया था पायलट
अगर इस मामले में हम इतिहास पर नजर डाले तो आज से 20 साल पहले करगिल युद्ध में भी कुछ ऐसा ही हुए था.
उस समय पाकिस्तान ने भारत के एक फाइटर पायलट को गिरफ्तार करने में सफलता पाई थी जिनका नाम नचिकेता था.
दरअसल नचिकेता MIG 27 लडाकू विमान से दुश्मन के बिलकुल करीब जाकर 17 हजार फुट से कैंप पर लाइव रॉकेट फायरिंग से हमला कर रहे थे
दुश्मन को खत्म करने में तो वो कामयाब हुए लेकिन इसी बीच उनके विमान का इंजन खराब हो गया और उनका विमान क्रैश हो गया.
हालांकी नचिकेता विमान से सुरक्षित बाहर निकलने में तो सफल रहे लेकिन वे पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) के पास स्कार्दू में फंस गए.
इसके बाद पाकिस्तानी सैनिकों नें उन्हें अपने कब्जे में ले लिया, लेकिन वहां की सरकार पर अंतराष्ट्रीय दबाव पड़ा तो उन्होंने 8 दिन बाद नचिकेता को इंटरनेशनल कमेटी ऑफ द रेड क्रॉस को सौंप दिया, जिसके बाद उन्हें बाघा बॉर्डर के रास्ते भारत भेजा गया.
वतन वापस आकर नचिकेता ने बताया की वहां उन्हें पाकिस्तानी सेना द्वारा शारीरिक और मानसिक टार्चर किया गया तथा उनसे भारतीय सेना की जानकारी निकालने की कोशिश की जाती रही.
साभार – आज तक