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जानिए केजरीवाल और मजीठिया का क्या है पूरा मामला, आखिर क्यूं आप पार्टी में हो रहा है विघटन

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Arvind Kejriwal Majithia Controversy : केजरीवाल की माफी पर पंजाब आप में बढ़ा रोष

Arvind Kejriwal Majithia Controversy : आम आदमी पार्टी(आप) की स्थापना एक क्रांतिकारी विचार धारा वाली राजनीतिक पार्टी के तौर पर हुई थी, पार्टी के संस्थापक सदस्य रहे अरविंद केजरीवाल को इस महान क्रांतिकारी दल की कमान सौंपी गई थी.

लेकिन लगातार कुछ दिनों से पार्टी एक के बाद एक नई कंन्ट्रोवर्सी में फंसती जा रही है .
पार्टी के नेताओं पर 20 से ज्‍यादा मानहानि के मामले दर्ज हैं जिसमें खुद केजरीवाल पर ही ना जाने कितने हाई प्रोफाइल राजनेताओं और लोगों ने मानहानी का मुकदमा ठोका हुआ है.
हालांकि अपने उपर लगे मानहानी के मामलों को केजरीवाल ने अब जल्द से जल्द सुलझाने का मन बना लिया है इसके लिए वह सभी संबधित नेताओं से बात करने में भी लग गए हैं.
भाजपा के दिग्गज नेताओं ने कर रखा है केस
केजरीवाल अपने बरबोले अंदाज के कारण काफी बुरे फंसे हुए हैं राजनीति की एक नई परिभाषा बनाने
के चक्कर में वो खुद ही अब चारों तरफ से घिर गए हैं.
बता दें कि अरुण जेटली, नितिन गडकरी समेत कई नेताओं ने केजरीवाल पर मानहानि के मुकदमे कर रखे हैं.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सीएम केजरीवाल को इन केसों के कारण रोजाना अदालत में घंटों बर्बाद भी करने पड़ रहे हैं, जिससे उनका कामकाज प्रभावित हो रहा है.
इसलिए उन्होंने अब सभी मुकदमे खत्म करने के लिए बातचीत के जरिए अपनी कोशिश चेज कर दी है.
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बिक्रम सिंह मजीठिया से माफी मांग बूरे फंसे केजरीवाल
गुरुवार को सीएम केजरीवाल ने पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री और अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया से अपने पूर्व में उनपर दिए बयान को लेकर माफी मांग ली है.
दरअसल, पंजाब चुनाव प्रचार के दौरान बिक्रम सिंह मजीठिया पर आम आदमी पार्टी के नेताओं अरविंद केजरीवाल, संजय सिंह, आशीष खेतान ने पब्लिक मीटिंग और रैलियों के दौरान उनपर और उनके परिवार पर ड्रग्स की तस्करी करने और पंजाब में नशा बेचने के आरोप लगाए थे.
जिसके बाद चुनाव खत्म होते ही बिक्रम सिंह मजीठिया ने अरविंद केजरीवाल, संजय सिंह और आशीष खेतान पर अमृतसर जिला अदालत में मानहानि का केस कर दिया था.  फिर अब जाकर अपने उपर लगे मानहानी केस को खत्म करने के लिए सीएम केजरीवाल ने मजीठिया से लिखित में माफी पत्र दे दिया है.
केजरीवाल ने अपने इस माफी नामा में लिखा है कि बिक्रम मजीठिया के खिलाफ लगाए गए सभी आरोप वे वापस लेते हैं. साथ ही इन आरोपों से उन्‍हें, उनके परिवार और दोस्‍तों को जो दुख पहुंचा है उसके लिए उन्‍हें खेद है.
मजीठिया ने माफीनामे पर अपने विचार किए व्यक्त
अकाली दल के सीनियर नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सीएम केजरीवाल के माफीनामे को दिखाया. यह माफीनामा आम आदमी पार्टी के लेटर हेड पर अरविंद केजरीवाल की ओर से लिखी गई थी.
जिसमें अरविंद केजरीवाल ने मजीठिया से पंजाब चुनाव प्रचार के दौरान रैलियों, टीवी डिबेट और अखबारों को दिए अपने इंटरव्यू के दौरान मजीठिया और उनके परिवार पर लगाए गए ड्रग्स तस्करी के तमाम आरोपों पर माफी मांगी है.
केजरीवाल के माफी मांगने के बाद अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि व्यक्तिगत रूप
से यह मेरे लिए ऐतिहासिक पल है, जो अपने बयान के लिए मौजूदा मुख्यमंत्री को माफी मांगनी पडा है.
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पार्टी के पंजाब ईकाई में बढ़ा रोष
केजरीवाल के मजीठिया से माफी मांगने से आप की पंजाब इकाई में उथल पुथल मच गई है. केजरीवाल के इस फैसले के खिलाफ पंजाब आप पार्टी के अध्यक्ष भगवंत मान एवं सह अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने अपने- अपने पदों से इस्तीफा दे दिया.
इसके अलावा आप को एक और झटका देते हुए राज्य में उसके सहयोगी दल लोक इंसाफ पार्टी (एलआईपी) ने भी पार्टी से अपना गठबंधन तोड़ने की घोषणा कर दी है.
एलआईपी नेता और विधायक सिमरजीत सिंह बैंस ने कहा कि हमने आप के साथ अपना गठबंधन तोड़ने की घोषणा की है.
उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी उस के साथ नहीं जुड़ सकती जिसके मुख्य नेता ने पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया से माफी मांगकर निरीह तरीके से आत्मसमर्पण कर दिया.
वहीं पंजाब आप के बागी नेताओं ने भी कहा कि वे अब इन आरोपों का सामना कर रहे हैं कि क्या केजरीवाल ने मानहानि के मामले में मजीठिया से माफी मांगकर अकाली दल के साथ समझौता कर लिया है.
इतना ही नहीं केजरीवाल को सत्तारूढ़ कांग्रेस और शिअद- भाजपा के नेताओं की आलोचना का भी सामना करना पड़ रहा है. खैर अब देखना यह दिलचस्प होगा कि केजरीवाल औऱ आप पार्टी की ये रसाकसी कहां जाती है.