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Delhi Budget 2018 : केजरीवाल सरकार ने पेश किया राज्य का पहला ‘ग्रीन बजट’, जानें दिल्ली वालों के लिए क्या है खास

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Delhi Budget 2018
File Photo

Delhi Budget 2018 : बजट का बड़ा हिस्सा पर्यावरण सुधार पर किया जाएगा खर्च

Delhi Budget 2018 : आज का दिन दिल्ली वालों के लिए काफी अहम है क्योंकि केजरीवाल सरकार ने अपने कार्यकाल का चौथा बजट पेश कर दिया है.

केजरीवाल सरकार ने दिल्ली में प्रदुषण के बढ़ते खतरे को देखते हुए इस बार बजट का बड़ा हिस्सा पर्यावरण सुधार पर खर्च करने की बात कही है.
बता दें कि इस बार के बजट को दिल्ली सरकार का पहला ग्रीन बजट भी कहा जा रहा है जिसे विधानसभा में उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने पेश किया.
53 हजार करोड़ का है बजट
आप सरकार ने वित्त वर्ष 2018-19 के लिए कुल 53 हजार करोड़ का बजट पेश किया है. इस बजट में शिक्षा, पर्यावरण, स्वास्थ्य, और जल प्रबंधन पर विशेष जोर दिया गया है.
उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बजट पेश करते हुए कहा कि हमारा लक्ष्य राजधानी में रहने वाले गरीबों और मध्य वर्ग के लोगों को लाभ पहुंचाना है.
गौरतलब है कि आगामी वित्त वर्ष का बजट 2017-18 के संशोधित अनुमान 44370 करोड रुपए की तुलना में 19.45 प्रतिशत अधिक है.
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मनीष सिसोदिया ने इस बजट को पहला ‘ग्रीन बजट’ कहा
सदन में बजट पेश करते समय मनीष सिसोदिया ने इसे पहला ग्रीन बजट कहते हुए बताया कि इस वर्ष में सरकार का दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण पर फोकस रहेगा.
इसके तहत प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए 26 कार्यक्रम और योजनाओं को परिवहन, ऊर्जा, पर्यावरण और लोक निर्माण विभाग में समेकित रूप से चलाई जाएंगी जिससे विभिन्न तरीकों के प्रदूषण का स्तर नीचे लाया जा सके.
दिल्ली वालों के लिए बजट में ये है खास
– इस बार के बजट में कुल बजट की 13 प्रतिशत राशि तीनों निगमों और 26 प्रतिशत शिक्षा क्षेत्र में आवंटित की गई हैं.
– दिल्ली के स्कूलों में एक लाख 20 हजार सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाएंगे.
– स्कूल प्रबंधन समितियों को पुस्तकों, प्रशिक्षण, नवाचार और छोटे मोटे काम के लिए पांच लाख रुपए का राशि दिए जाने का प्रावधान इस बजट में मुख्यमंत्री द्वारा किया गया है.
– राजधानी में प्रदूषण को कम करने के लिए 1000 हजार इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध कराई जाएंगी.
– पब्लिक बस सेवा के अंतर्गत 905 इलेक्ट्रिक फीडर वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे, साथ ही ई-रिक्शा चालकों को सब्सिडी भी दी जाएगी.
– दिल्ली परिवहन निगम के बेडे में 1000 स्टैंडर्ड साइज की बसों को जोड़ा जाएगा.
– फैक्ट्री फिटेड सीएनजी निजी कारों पर पंजीकरण शुल्क में 50 प्रतिशत की रियायत दी जाएगी.
– फ्री वाई फाई योजना के लिए 100 करोड़ रुपए और स्मार्ट कृषि योजना में मदद के लिए 10 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे.
– अनधिकृत कालोनियों में ढांचागत विकास के लिए 1500 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है.
– इसके अलावा जलापूर्ति और सीवर के लिए 2777 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं.
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स्वास्थ्य सेवा पर विशेष ध्यान
गौरतलब है कि केजरीवाल सरकार ने दिल्ली वालों के स्वास्थ्य सेवा पर विशेष ध्यान देना का प्रावधान अपने इस बार के बजट में किया है. इसके लिए बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र पर कुल 6729 करोड रुपए खर्ट करने की बात कही है.
मनीण सिसोदिया ने इस मामले में बताया कि 403 करोड रुपए मोहल्ला क्लिनिक और 20 करोड रुपए की राशि दिल्ली सरकार के अस्पतालों में जांच के लिए आवंटित की गई है.
वहीं नए अस्पतालों के निर्माण और मौजूदा के नवीकरण के लिए 450 करोड़ रुपए और 48 सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में शल्य चिकित्सा के लिए 50 करोड़ रुपए का अतिरिक्त प्रावधान भी किया गया है.