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जानिए ,भारत फ्रांस के बीच हुआ राफेल लड़ाकू विमान समझौता आखिर क्यों है इतना विवादित

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India France Rafale Deal
राफेल

India France Rafale Deal : इस वजह से भारत के लिए जरूरी है राफेल समझौता

India France Rafale Deal : भारत तेजी से विश्व पटल पर एक शक्ति की तरह उभर रहा है, यही वजह है कि अपनी सैन्य शक्ति को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार हर संभव कोशिश में लगी हुई है.

इस समय फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों अपनी 4 दिन के भारत यात्रा पर आए हुए हैं.
अपनी इस यात्रा में उन्होंने भारत के साथ अब तक 14 द्विपक्षीय समझौतों पर सहमति बनाई है. इसके अलावा उनकी यह यात्रा कई अन्य मायनों में भी बेहद खास है जिसमें राफेल डील भी शामिल है.
राफेल एक अहम समझौता
शनिवार को राष्ट्रपति इमैनुएल ने राफेल सौदे के बारे में बात करते हुए कहा कि ये दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय रक्षा सहयोग का अहम पहलू है.
बता दें कि फ्रांस की रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पार्ली ने रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण को राफेल खरीदने के लिए पत्र लिखा था जिसमें उन्होंने अतिरिक्त 36 राफेल विमानों में मेक इन इंडिया की अच्छी हिस्सेदारी होने की बात कही थी.
दरअसल फ्रांस सरकार को ऐसी उम्मीद है कि भारत उससे और राफेल खरीद सकता है.लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि फ्रांस के ऑफर पर भारत विचार तब करेगा जब पहले हुई डील के 36 राफेल विमानों की डिलिवरी हो जाएगी.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इन 36 विमानों को हसीमारा (पश्चिम बंगाल) और अंबाला (हरियाणा) के एयरबेस में 2019 से 2022 के बीच जगह मिलनी शुरू हो जाएगी.
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भारत के लिए विवादित रहा है राफेल विमान समझौता
भारतीय वायुसेना के लिए राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद अब तक भारत द्वारा किए गए सबसे विवादित रक्षा सौदों में से एक है.
विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने इस डील पर सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए दावा किया है कि 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीद से कुछ व्यक्तियों को लाभ पहुंचाने के लिए सरकारी खजाने को 12,362 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचा है.
गौरतलब है कि इससे पहले भारत ने 2016 में तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर पार्रिकर के कार्यकाल में फ्रांस के साथ 58,000 करोड़ रुपये में 36 राफेल की खरीद का सौदा किया था.
हालांकि मौजूदा रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने राफेल समझौते का पक्ष लेते हुए कहा है कि इस डील की तुलना किसी घोटाले से ना करनी चाहिए क्योंकि ये पूरी तरह से सेफ और देशहीत में है.
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क्यों जरूरी है राफेल ?
राफेल विमान में दो इंजन होते हैं जिससे इसकी हवा में शक्ति कई गुना बढ जाती है. यह अपनी मारक क्षमता में दूसरे विमानों के मुकाबले काफी बेहतर है. राफेल हवा से हवा और हवा से जमीन में मार करने में सक्षम है.
इसकी अधिकतम रफ्तार 2,130 किमी/घंटा है. साथ ही ये परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम होने के अलावा तकरीबन 24,500 किलो तक वजन भी ढो सकता है.
हालांकि इसमें भारतीय वायुसेना की जरूरतों के हिसाब से कई फेरबदल भी किए जाएंगे.