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कर्नाटक के तीसरी बार सीएम बने येदियुरप्पा, आज तक पूरा नहीं कर सके हैं कोई कार्यकाल

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Karnataka Cm Yeddyurappa Oath

Karnataka Cm Yeddyurappa Oath : 15 दिन के अंदर साबित करना होगा बहुमत

Karnataka Cm Yeddyurappa Oath : कर्नाटक में चुनाव के प्रचार से शुरू हुआ सियासी ड्रामा नतीजे आने के बाद भी पूरी तरह समाप्त होने का नाम नहीं ले रहा.

इस हाई वोल्टेज ड्रामे के बीच आज बीजेपी के बीएस येदियुरप्पा ने कर्नाटक के सीएम पद की शपथ ले ली है.
बता दें कि इस शपथग्रहण समारोह में केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार के साथ प्रकाश जावड़ेकर और जेपी नड्डा समेत बीजेपी के कई बड़े नेता मौजूद दिखाई दिए. येदियुरप्पा को राज्यपाल वजुभाई आर वाला ने सीएम पद की शपथ दिलाई और गुलदस्ता भेंट कर उनका स्वागत किया.
बहुमत से 8 सीट दूर हैं येदियुरप्पा
सीएम बनने के बाद येदियुरप्पा के सामने सबसे बड़ी चुनौती बहुमत साबित करने की है. भले ही 104 सीटों के साथ भाजपा राज्य में सबसे बड़ी पार्टी बनी है लेकिन सरकार बनाने के लिए अभी भी उसके पास बहुमत नहीं है.
यही वजह है कि राज्यपाल द्वारा येदियुरप्पा को 15 दिन के अंदर सदन में बहुमत साबित करने को कहा गया है.
हालांकि येदियुरप्पा खुद ये घोषणा कर रहे हैं कि वो 15 दिन के अंदर सदन में बहुमत साबित कर देंगे और अपना 5 साल का कार्यकाल पूरे करेंगे.
यही वजह है कि 222 विधानसभा सीटों वाला कर्नाटक राज्य, इस वक्त जोड़-तोड़ की राजनीति में लगा हुआ है. बीजेपी को बहुमत साबित करने के लिए 8 सीटों की जरूरत है, वहीं विपक्षी पार्टी कांग्रेस पहले से ही जे़डीएस के साथ मिलकर अपने पास बहुमत होने का दावा कर रही है.
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विवादों से भरा है येदियुरप्पा का सफर
नवनिर्वाचित सीएम येदियुरप्पा 75 साल के हैं और इन्होंने इस चुनाव में शिकारीपुरा से जीत पाई है. बता दें कि येदुरप्पा ने आज कर्नाटक के 25वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली है. हालांकि इससे पहले भी वो दो बार सीएम बन चुके थे मगर दोनों ही बार वो अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सके.
जानकारी के लिए बता दें कि उन्होंने 2006 में पहली बार जेडीएस के साथ मिलकर सरकार बनाई और फिर 2008 में अकेले दम पर बीजेपी की सरकार बनाकर मुख्यमंत्री बने.
हालांकी 2011 में खनन घोटाले के आरोप के चलते येदियुरप्पा को पार्टी के दबाव में कुर्सी छोड़नी पड़ी थी जिसके बाद वो बीजेपी से अलग हो गए थे, जिसके चलते 2013 में बीजेपी को राज्य में हार का सामना करना पड़ा था.
मगर फिर 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले येदियुरप्पा अपनी पुरानी पार्टी बीजेपी में शामिल हो गए.
दक्षिण में पहली बार खिलाया था कमल
यूं तो येदियुरप्पा अपने राजनीति सफर में कई विवाद देखें हैं, लेकिन खनन घोटाले में हुए भ्रष्टाचार में उनका नाम आने के बाद उनकी इमेज को तगड़ा झटका लगा था.
बता दें कि खनन खोटाले को लेकर सीबीआई की प्रारंभिक जांच में वे दोषी भी पाए गए थे. यही नहीं इस जांच में उनके दोनों बेटों पर भी केस चल चुका है, लेकिन बाद में वे इस केस से बरी कर दिए गए.
येदियुरप्पा भाजपा के एक ऐसे नेता हैं, जिनके बूते पर पार्टी ने पहली बार दक्षिण भारत में ना सिर्फ जीत का स्वाद चखा बल्कि सत्ता पर शासन भी किया.
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सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत
कर्नाटक मुख्यमंत्री शपथ विवाद सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है, आज के शपथग्रहण को रोकने के लिए विपक्षी पार्टियों की मांग पर रात 1:45 पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई.
हांलाकि, कोर्ट ने येदियुरप्पा के शपथ ग्रहण पर कोई आपत्ति ना दिखाते हुए उनके सीएम पद की शपथ लेने पर रोक लगाने से इंकार कर दिया था.
लेकिन अभी भी मामला पूरी तरह शांत नहीं हुआ है शुक्रवार को येदियुरप्पा को बहुमत दिखाने के लिए दिए गए 15 दिन पर सुनवाई होनी बाकि है.