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कर्नाटक में फ्लोर टेस्ट से पहले ही धराशायी हुई बीजेपी, 55 घंटे में येदियुरप्पा हिट विकेट कर लौटे पवेलियन

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Karnataka Floor Test

Karnataka Floor Test : एक बार फिर कर्नाटक में मुख्यमंत्री के तौर पर येदियुरप्पा नहीं कर सके पूरा कार्यकाल 

Karnataka Floor Test : बीते कई दिनों से पूरे देश की निगाहें दक्षिण के इस राज्य में टिकी हुई हैं, और आज एक बार फिर इस राज्य में हुए राजनीतिक उथल पथल ने दिन भर लोगों को ध्यान खूब आकर्षित किया है.

दरअसल कर्नाटक के सीएम पद पर गुरूवार को ही आसीन हुए बी.एस येदियुरप्पा जी को शनिवार शाम ही इस पद से इस्तीफा देना पड़ा.
फ्लोर टेस्टिंग के पहले ही येदियुरप्पा का इस्तीफा
सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार बीजेपी को 15 दिन की जगह शनिवार को ही अपना बहुमत साबित करना था. लेकिन 104 सीटों पर झंडा गाड़ चुकी पार्टी के लिए 8 सीटों का जुगाड़ करना आसान न हुआ.
जिसके कारण येदियुरप्पा ने फ्लोर टेस्टिंग के पहले ही राज्यपाल को अपने इस्तीफे की पेशकश कर पहली अपनी हार स्वीकर कर ली..
बता दें कि इस्तीफा देने के दौरान येदियुरप्पा काफी भावुक नजर आए. उन्होंने कहा कि मेरे पास संख्या नहीं है, यदि 113 सीट होती तो राज्य की तस्वीर कुछ अलग होती.
हालंकि येदियुरप्पा ने अपनी राजनीति को जारी रखते हुए कहां कि वो अपने मुख्यमंत्री ना बनने का मलाल नहीं रखेंगे और आगे भी उनका राज्य के हर इलाके में किसानों और दलितों के लिए किया जा रहा उनका संघर्ष जारी रहेगा.
भावुकता के साथ येदियुरप्पा ने कहा कि विपक्ष में बैठे मेरे दोस्तों में से कुछ लोगों को विश्वास था कि केंद्र में मोदी जी की सरकार और यहां हमारी सरकार के साथ मिलकर कर्नाटक का भला होगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका.
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विधायकों की खरीद-फरोख्त
गौरतलब है कि येदियुरप्पा के सीएम बनने के बाद कांग्रेस तरह-तरह के आऱोप बीजेपी पर लगा रही थी. कर्नाटक के कांग्रेस प्रभारी बीके हरिप्रसाद ने आरोप लगाया था कि ईडी, आईबी का गलत इस्तेमाल करके बीजेपी विधायकों को अगवा कर रही है.
यही नहीं कांग्रेस ने बीजेपी के एक विधायक की वॉयस रिकार्डिंग भी सुनाई जिसमें वो एक एमएलए को खरीदने की कोशिश कर रहे थे.
बता दें कि बीजेपी द्वारा कथित खरीद-फरोख्त के डर से हैदराबाद के एक होटल में ठहरे हुए कांग्रेस और जेडीएस के विधायक शनिवार सुबह वापस शहर लौट आए.
वहीं, आज विधानसभा में फ्लोर टेस्टिंग की कार्यवाही के समय कांग्रेस के दोनों कथित लापता विधायक विधानसभा में उपस्थित दिखें.
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जानिए कैसे होती है विधानसभा में वोटिंग
आज येदियुरप्पा सरकार की फ्लोर टेस्टिंग थी, जिसमें वे हार गए आईए, हम आपको बताते हैं विधानसभी में कैसे होती है फ्लोर टेस्टिंग
दरअसल, फ्लोर टेस्ट, मौखिकरुप से या ईवीएम द्वारा या बैलट बॉक्स किसी भी तरह से किया जा सकता है यदि दोनों पार्टी को वोट बराबर मिलते हैं तो ऐसे में स्पीकर अपनी पसंदीदा को वोट करके सरकार बनवा सकता है.
वोटिंग होने की सूरत में पहले विधायकों की ओर से ध्वनि मत लिया जाएगा इसके बाद कोरम बेल बजेगी.
फिर सदन में मौजूद सभी विधायकों को पक्ष और विपक्ष में बंटने को कहा जाएगा.इसके बाद पक्ष-विपक्ष में बंटे विधायकों की गिनती की जाएगी. फिर स्पीकर परिणाम की घोषणा करेंगे.
खैर, येदियुरप्पा सरकार तो 55 घंटे में ही धराशाही हो गई है. अब देखना है कि कांग्रेस और जेडीएस की सरकार कर्नाटक में कितने दिनों की सरकार बना पाती है.
कांग्रेस के लिए कर्नाटक नाक की बात हो चुकी थी, ऐसे में पार्टी की जीत कांग्रेस के लिए काफी सूकुन भड़ा साबित हुआ है.