Home पॉलिटिकल 360° बीजेपी के खिलाफ ममता की नई जंग, थर्ड फ्रंट बनाने के लिए...

बीजेपी के खिलाफ ममता की नई जंग, थर्ड फ्रंट बनाने के लिए दिल्ली मे चला दांव

SHARE
Mamta Banerjee Mission 2019

Mamta Banerjee Mission 2019 : ममता बनर्जी ने मिशन दिल्ली का किया आगाज

Mamta Banerjee Mission 2019 : बीजेपी के लिए मोदी मय भारत बनाने में पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आने वाली हैं.

जी हां, सीएम ममता बनर्जी भारत को बीजेपी मुक्त बनाने के लिए सभी बीजेपी रोधी बलों को एकजुट करने में लगी हैं जो आने वाले लोकसभा चुनावों में भाजपा के लिए खतरे की घंटी जैसी मालुम होती है.
ममता का मिशन दिल्ली शुरू
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मंगलवार यानि की 27 मार्च को दिल्ली पहुंच गई हैं. गौरतलब है कि दिल्ली रवाना होने से पहले उन्होंने कोलकता में कहा था की वह राष्ट्रीय राजधानी के चार दिवसीय दौरे पर कई विपक्षी दलों के नेताओं से मुलाकात करेंगी.
अपनी इसी के पड़ाव में आज ममता बनर्जी ने दिल्ली में मोदी सरकार की सहयोगी शिवसेना, एनडीए सरकार से हाल ही में अलग हुई चंद्रबाबू नायडू की पार्टी टीडीपी, टीआरएस और एनसीपी के नेताओं से मुलाकात किया.
वही कयास यह भी लगाए जा रहें हैं कि वो अपनी इस यात्रा के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी के अलावा यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से भी मुलाकात कर सकती हैं.
हालांकि सोमवार को सोनिया गांधी से मुलाकात पर ममता ने कहा था कि वह अस्पताल में भर्ती हैं, उन्हें ठीक होने दीजिए मैं उन्हें परेशान नहीं करना चाहतीं.
यह भी पढ़ें – अन्ना हजारे का शुरू हुआ अनशन पार्ट-2, क्या फिर कोई नया केजरीवाल आएगा सामने ?
थर्ड फ्रंट की पुरी है तैयारी
तृणमुल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी लगता है थर्ड फ्रंट बनाने की पूरी तैयारी में है. मीडिया रिपोर्टस के अनुसार ममता इस थर्ड प्रंट को लीड करने की भूमिका में रहना चाहती हैं.
बता दें कि इससे पहले कांग्रेस ने सभी दलों को एकजुट होकर भाजपा के खिलाफ लोकसभा चुनाव में साथ आने को कहा था लेकिन ममता ने तब इससे किनारा कर लिया था.
ममता बनर्जी ने शुरू किया मुलाकातों का दौड़
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज राकांपा प्रमुख शरद पवार के साथ करीब एक घंटे तक बैठक की.
इसके अलावा वे शिवसेना के नेता संजय राउत, समाजवादी पार्टी के नेता राम गोपाल यादव, बीजेडी सांसद पिनाकी मिश्रा, डीएमके नेता कनिमोझी के अलावा मिसा भारती और जेपी यादव से भी मुलाकात करी.
दिलचस्प है कि आगामी लोकसभा चुनाव के लिए सभी दलों ने अभी से जीतोड़ मेहनत करनी शुरू कर दी है, अब देखना है कि ममता बनर्जी की ये मेहनत कितनी रंग लाती है.
यह भी पढ़ें – जानिए आखिर कैसे पूरी दूनिया से अलग थलग पड़ा रूस, कहीं कोल्ड वार की तरफ तो नहीं है इशारा
पहली बार नहीं है ये थर्ड फ्रंट बनाने की कवायत
भारतीय राजनीति में शुरू से ही थर्ड फ्रंट बनाने की कवायत हमेशा से रही है. सबसे पहले 1989 में वीपी सिंह के नेतृत्व में जनता दल, असम गढ़ परिषद, टीडीपी और द्रमुक ने ‘राष्ट्रीय मोर्चा’ का गठन किया गया था. लेकिन नवंबर 1990 में आंतरिक कलह के कारण यह सरकार गिर गर्ई.
इसके बाद कांग्रेस के समर्थन से चंद्रशेखर प्रधानमंत्री बने, पर 1991 तक ही सरकार चला पाए. फिर 1996 में भी कामरेड हरकिशन सिंह सुरजीत के नेतृत्व में तीसरा मोर्चा एक बार फिर ‘संयुक्त मोर्चा’ के नाम से सामने आया.
इसमें जनता दल, तेदेपा, अगप, द्रमुक, तमिल मनीला कांग्रेस, सपा और भाकपा दलों ने मिलकर सरकार बनाई.
हाल ही में 2014 में देश की सत्ता में नरेंद्र मोदी के आने के बाद से मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व में तीसरा मोर्चा बनाने की कवायद की गई थी पर यह भी ज्यादा दिनों तक नहीं टिक सका.
गौरतलब है कि हर लोकसभा चुनावों के पहले छोटी-छोटी पार्टियां अपना एक अलग मोर्चा तैयार करती है.
लेकिन कुछ दिनों बाद यह मोर्चा खुद ब खुद आंतरिक या अन्य कलह के कारण खत्म हो जाता है. बहरहाल, अब देखना है कि ममता बनर्जी की थर्ड फ्रंट बनाने की कोशिश कितना कामयाब होती है.