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राज्यसभा के 26 सीटों के लिए चुनाव प्रक्रिया शुरू, जानिए क्या है राजनीतिक पार्टियों का पूरा समीकरण

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Rajyasabha Election 2018

Rajyasabha Election 2018यूपी में बीजेपी और बसपा के बीच मुकाबला

Rajyasabha Election 2018 : राज्यसभा की 26 सीटों के लिए हो रहे चुनाव के कारण शुक्रवार का दिन सुबह से ही चुनावी गहमा-गहमी से भर गया है.

सुबह 9 बजे से राज्यों की 26 सीटों पर शुरू हुई वोटिंग में राजनीतिक दल के नेता बीते कई दिनों से अपना पूरा दम लगाए हुएं हैं.
बता दें कि तमाम तरह के सियासी समीकरणों के बीच यह चुनावी मुकाबला काफी रोचक हो चला है. आइए हम आपको बताते हैं क्या है इस राज्यसभा चुनाव की सीटों का पूरा समीकरण.
राज्यसभा में कुल 59 सीटें खाली हो रही हैं
दरअसल अगले महीने यानि की अप्रैल में राज्यसभा की 59 सीटें खाली हो रही हैं, राज्यसभा सदन में 6 साल के कार्यकाल के बाद एक तिहायी मेम्बर हटाए जाते हैं और इस साल 59 सीटों के नेताओं का कार्यकाल पूरा हुआ है.
संविधान के अनुसार इन 59 सीटों के लिए 10 राज्यों में चुनाव होने हैं जिनमें से एक उपचुनाव भी है.
हालांकि 59 सीटों में से आज 26 सीटों पर चुनाव किए जा रहे हैं क्योंकी बाकि शेष बचे 33 सीटों पर उम्मीदवारों को पहले ही निर्विरोध चुन लिया गया है.
यह चुनाव उत्‍तर-प्रदेश, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, झारखंड,  केरल, छत्‍तीसगढ़ और तेलंगाना की खाली होने वाली राज्यसभा सीटों के लिए हो रहे हैं.
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चुनाव में सबकी नजरें उत्तर प्रदेश पर है टिकी
यूपी हमेशा से ही राजनीति का केन्द्र रहा है यही कारण है कि अन्य राज्यों को छोड़कर सभी की निगाहें यूपी पर ही टिकी हुई हैं.
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में 10 सीटों के लिए वोटिंग हो रही है और इनमें से बीजेपी के 8 उम्मीदवारों की जीत तय मानी जा रही है.
वहीं दूसरी तरफ सपा की एक सीट पक्की बताई जा रही है मगर दसवीं सीट पर भाजपा और सपा समर्थित बसपा उम्मीदवार में जबरदस्त टक्कर देखने को मिल रही है. यही वजह है कि यूपी राज्यसभा चुनाव काफी अहम हो गया है.
क्या है राज्यों और उम्मीदवारों का गणित
दरअसल, यूपी की दस सीटों के लिए वित्त मंत्री अरुण जेटली समेत 11 उम्मीदवार मैदान में हैं. वहीं पश्चिम बंगाल की पांच सीटों के लिए छह उम्मीदवारों के लिए चुनाव कराना पड़ रहा है.
कांग्रेस उम्मीदवार अभिषेक मनु सिंघवी का समर्थन तृणमूल कांग्रेस कर रही है.
वहीं कर्नाटक में चार सीट के लिए पांच उम्मीदवार खड़े हैं और यहां की चौथी सीट के लिए कांग्रेस और जदएस के उम्मीदवार के बीच मुकाबला है.
वहीं दूसरी तरफ झारखंड में दो सीटों के लिए तीन, छत्तीसगढ़ में एक सीट के दो और तेलंगाना की तीन सीट के लिए चार उम्मीदवारों के बीच चुनाव हो रहा है.
जबकि केरल की एक सीट के लिए हो रहे उपचुनाव में वामदल समर्थित वीरेंद्र कुमार के खिलाफ कांग्रेस ने बाबू प्रसाद को उतारा है.
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यूपी में बीजेपी और बसपा के बीच मुकाबला
इस राज्यसभा में बीजेपी और बसपा में कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है. दोनों पार्टियां अपने उम्मीदवार को जिताने का हर संभव कोशिश कर रही है.यहां तक की इसके लिए विधायकों के सेंधमारी या यूं कहे क्रास वोटिंग करने की भी पूरी संभावना बनी हुई है.
दरअसल भारतीय जनता पार्टी को 9 उम्मीदवारों की जीत के लिए 333 विधायकों की जरूरत है और अभी संख्या के हिसाब से बीजेपी को 4 विधायकों की दरकार है.
वहीं बसपा को अपने दो उम्मीदवारों के लिए 74 विधायकों की जरूरत है. बसपा के पास 71 विधायक हैं, यानी की उसे 3 वोटों की और जरूरत है.
चुनाव के पहले बसपा और बीजेपी ने किए बैठक
गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास पर विधायकों की बैठक हुई जहां पुरवा से बीएसपी विधायक अनिल सिंह भी पहुंचे इसके अलावा एक और बसपा विधायक के बीजेपी में जाने की चर्चा है.
वहीं सपा के नितिन अग्रवाल पहले ही भगवा खेमे की शरण में पहुंच चुके हैं और निर्दलीय अमनमणि त्रिपाठी और विजय मिश्र भी समर्थन का ऐलान कर चुके हैं.
जबकि दूसरी तरफ बसपा ने भी गुरुवार को पार्टी बैठक बुलायी और अब देखना है कि बसपा की डूबती नईया को समाजवादी पार्टी का कितना सहारा मिल पाता है.