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चौथी बार रूस के राष्ट्रपति बने व्लादिमीर पुतिन, जानिए भारत और रूस के रिश्ते का क्या होगा भविष्य

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Russia Election 2018

Russia Election 2018लगातार चौथी बार जीतकर पुतिन बन गए रूस के ‘माचो मैन’

Russia Election 2018 : रूस की कमान एक बार फिर से व्लादिमीर पुतिन के हाथों में आ गई है, 18 मार्च यानि की रविवार को हुए चुनाव के नतीजों में 75.9 फीसदी वोट के साथ पुतिन रूस के राष्ट्रपति पद की कुर्सी पर फिर 2024 तक काबिज हो गए.

बता दें कि पुतिन चौथी बार रूस के राष्ट्रपति का पद संभालेंगे, व्लादिमीर पुतिन की उम्र इस समय 65 साल है और वे 47 साल की उम्र में साल 2000 में पहली बार रूस के राष्ट्रपति बने थे.
पुतिन हैं रूस के ‘माचो मैन’
व्‍लादिमीर पुतिन का जन्‍म 7 अक्‍टूबर, 1952 को लेनिनग्राड में हुआ था. उनके पिता का नाम व्‍लादिमीर स्पिरिडोनोविच पुतिन था.
पुतिन ने 1970 में सेंट पीटर्सबर्ग स्‍टेट यूनिवर्सिटी में कानून की पढ़ाई शुरू की और 1975 में वहीं से वे ग्रैजुएट हुए.
पुतिन अपने कॉलेज की पढ़ाई के दौरान ही कम्‍युनिस्‍ट पार्टी ऑफ सोवियत यूनियन ज्‍वाइन कर ली थी. 1975 में अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद पुतिन को केजीबी(रूस की पूर्व खूफिया एजेंसी) मे सेकंड चीफ डायरेक्‍टोरेट (काउंटर इंटेलीजेंस)बनाया गया.
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अंडर कवर ऐजेंट के रूप में किया काम
पुतिन अपने जीवनकाल में सन् 1985 से 1990 के बीच अंडर कवर एजेंट के रूप में पूर्वी जर्मनी के ड्रेसडेन में भी रहे.
वहां उन्‍होंने केजीबी के लिए कई अहम सूचनाएं जुटाईं यही नहीं बर्लिन दीवार के गिराने के समय उन्‍होंने केजीबी की सभी फाइलें जला दी थीं.
इसके बाद 1991 में वह सेंट पीटर्सबर्ग लौटे और लेफ्टिनेंट कर्नल के पद पर रहते हुए अगस्‍त, 1991 में केजीबी से इस्‍तीफा दे दिया.
फिर 1994 में सेंट पीटर्सबर्ग की सरकार में पुतिन पहली बार डिप्‍टी चेयरमैन बनाए गए और फिर 1998 में फेडरल सेक्‍योरिटी सर्विस के डायरेक्‍टर बने.
पुतिन 1999 में पहली बार रूस के प्रधानमंत्री बने फिर 2000 में पहली बार उन्होंने रूस के राष्ट्रपति का पद संभाला.
लगातार चौथी बार बने रूस के राष्ट्रपति
2000 में पहली बार राष्ट्रपति के तख्त पर बैठने के बाद पुतिन लगातार चौथी बार इस पद को जीत लिया है.
पुतिन ने 1983 में ल्‍यूडमिला पुतिना से शादी की थी लेकिन 2014 में उनका तलाक हो गया.
पुतिन को फिटनेस का बहुत शौक है इसी वजह से उन्होंने 14 साल की उम्र में मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग लेना शुरू कर दिया था. इसके साथ ही वे जुडो और कराटे में ब्लैक बेल्ट भी हैं.
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भारत और रूस के रिश्ते होंगे मजबूत
गौरतलब है कि रूस हमेशा से ही भारत का अच्छा दोस्त रहा है, चीन के मामले में भी रूस ने भारत का साथ कभी नहीं छोड़ा.
यहां तक की व्यापार के नजरिए से भी भारत रूस का सदियों से चहेता देश बना हुआ है.
याद दिला दें कि संयुक्त राष्ट्र में भी रूस ने हमेशा अपनी दोस्ती निभाते हुए भारत का साथ दिया है.
दिसंबर 2017 में  परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह एनएसजी की सदस्यता के मुद्दे पर चीन और पाकिस्तान को झटका देते हुए पुतिन ने भारत का खुलतौर पर समर्थन किया था.
इतिहास को देखते हुए ऐसे कयास लगाए जा रहें कि पुतिन के फिर राष्ट्रपति बनने से भारत और रूस के रिश्ते में और भी ज्यादा नजदीकियों के बढ़ने का अनुमान है.
वहीं सोमवार को रूस के राष्ट्रपति चुनाव में पुतिन के शानदार प्रदर्शन के लिए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने उन्हें बधाई संदेश भेजा है.
शी जिनपिंग ने अपने शुभकामना संदेश में कहा है कि इस जीत के बाद पुतिन रूस के विकास को एक नई दिशा देंगे.