Home पॉलिटिकल 360° त्रिपुरा के पूर्व सीएम की शख्सियत है बेहद खास, जानिए आखिर क्यूं...

त्रिपुरा के पूर्व सीएम की शख्सियत है बेहद खास, जानिए आखिर क्यूं माणिक सरकार के सामने पूरी राजनीति है नतमस्तक

SHARE
Tripura Former Cm Manik Sarkar

Tripura Former Cm Manik Sarkar : इंसानियत और सादगी के धनी हैं माणिक सरकार

Tripura Former Cm Manik Sarkar : इंसान की शख्सियत उसकी अपनी होती है, उसे किसी पार्टी या समुदाय से जोड़ा नहीं जा सकता. इसका बेहतरीन उदाहरण त्रिपुरा के पूर्व सीएम माणिक सरकार हैं.

बेशक त्रिपुरा में 2018 में 25 साल के माकपा सरकार को बीजेपी से करारी हार का सामना करना पड़ा है मगर आज भी राज्य के हर घर में उनके पूर्व सीएम की सादगी के चर्चे हैं.
बता दें कि वर्तमान में बीजेपी के बिप्लब देब त्रिपुरा के नए मुख्यमंत्री चुने गए हैं. 9 मार्च को शाही अंदाज में उन्होंने सीएम पद की शपथ ग्रहण भी करी.
माणिक सरकार के पैर छूकर बिप्लब देब ने लिया आर्शीवाद
माणिक सरकार अपने आप में ही सादगी के सबसे बड़े उदाहरण हैं यही वजह है कि बिप्लब देब ने अपने कार्यकाल की शुरूआत माणिक के पैर छुकर करी.
प्रधानमंत्री मोदी, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह समेत बीजेपी के कई बड़े नेता इसके साक्षी भी बनें.
इस बारे में सीएम देब ने कहा मैंने शपथग्रहण समारोह के दौरान माणिक सरकार के पैर इसीलिए छूएं क्योंकि मैं अपनी संस्कृति और परंपरा का आदर करता हूं.और हमें त्रिपुरा में विकास के लिए माणिक सरकार जैसे अनुभवी नेता के मार्गदर्शन की ज़रूरत पड़ेगी.
यह भी पढ़ें – आखिर कौन हैं ये लेनिन, जिनकी मूर्ति गिराना पेरियार, श्यामा प्रसाद और अंबेडकर को भी पड़ा भारी
जानिए आखिर कैसा हैं माणिक सरकार का व्यक्तिव
माणिक सरकार का जन्म 22 जनवरी 1949 में हुआ था, उन्हें सादगी की प्रतिमूर्ति भी माना जाता है.
गौरतलब है कि चुनाव परिणाम आने के बाद जैसे ही स्‍पष्‍ट हुआ कि 25 साल सत्‍ता में रहने के बाद
लेफ्ट सरकार सत्‍ता से बाहर हो गई है, उन्‍होंने तुरंत इस्‍तीफा दे दिया और अपना मुख्‍यमंत्री निवास भी छोड़ दिया.
यह हम सभी जानते हैं कि उनके पास अन्य राजनेताओं की तरह ज्यादा धन नहीं है इस वजह से वो मुख्‍यमंत्री
निवास छोड़ने के बाद अपने परिवार के साथ पार्टी के कार्यालय में ही शिफ्ट हो गए हैं.
बता दें कि त्रिपुरा के सीएम पद पर वे मार्च 1998 से थे साथ ही वे भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) और पोलितब्यूरो के सदस्य भी हैं. आपको ये जानकार हैरानी होगी श्री सरकार अपने मुख्यमंत्री पद का वेतन व भत्ते पार्टी  फंड में दान कर देते थे जिसके कारण उनके पास कोई व्यक्तिगत संपत्ति नहीं है.
खुद के लिए कुछ नहीं सब किया दान 
अपने दयालु नेचर के लिए माणिक सरकार सिर्फ राजनीति में ही नहीं बल्कि अपने पर्सनल जिंदगी में भी
काफी चर्चित रहे हैं. उन्होंने अपनी सारी पैतृक संपत्ति अपनी बहन को पहले ही दे रखा है.
20 साल तक सत्‍ता में रहने के बावजूद उनके पास अपना कोई घर नहीं है. उनको देश का सबसे गरीब मुख्‍यमंत्री में गिना जाता है.
यह भी पढ़ें – देश के बेरोजगार युवाओं का खून चूसते कर्मचारी आयोग, जानिए क्या है पूरा SSC पेपर लीक मामला
जमीन से जुड़े हैं माणिक सरकार
त्रिपुरा में भले ही वाम दलों की हार हुई हो या फिर मार्क्सवादियों का सफ़ाया हो गया हो लेकिन इसके
बाद भी माणिक सरकार के रुतबे में  जरा सी भी कमी नहीं आई है.
आज भी माणिक सरकार के व्यक्तित्व पर उनके प्रतिद्वंद्वी संभलकर ही उंगली उठाने का काम करते हैं.
माणिक सरकार के बारे में लोग ऐसा बताते हैं कि अक्सर वे पैदल सब्ज़ी ख़रीदते हुए दिख जाया करते थे. उनकी पत्नी पेशे से शिक्षक थीं, जो कि अब रिटायर हो गई हैं.
वो भी अपने पति की तरह सादगी की धनी हैं, वे कभी भी पति को मिलने वाले सरकारी वाहन का इस्तेमाल नहीं करती थी.  वो हमेशा अपने स्कूल तक का सफ़र बस या ऑटोरिक्शा से तय करती थीं.
चंद कपड़ों और किताबों के साथ खाली कर दिया सीएम आवास
सीएम आवास खाली करते समय माणिक सरकार के पास महज कुछ कपड़े और चंद किताबों के अलावा
कुछ भी नहीं था. वे तत्काल पार्टी के कार्यालय में ही रह रहे हैं.
वहीं पार्टी के लोगों का कहना हैं कि विधायकोंको मिलने वाले सरकारी आवास में भी शायद माणिक सरकार जाने से मना ही करेंगे.