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जानिए आखिर कैसे पूरी दूनिया से अलग थलग पड़ा रूस, कहीं कोल्ड वार की तरफ तो नहीं है इशारा

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World Isolated Russia

World Isolated Russia : जानिए क्या है इन देशों का रूस से खफा होने का कारण

World Isolated Russia : हाल के दिनों में देश के अलावा विदेश की राजनीति भी काफी परेशानी भरी हो गई है.

दरअसल रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन एक बार फिर चुनाव जीतकर चौथी बार देश की सत्ता हासिल की है जिसके लिए कई देशों से उन्हें बधाई संदेश भी मिले हैं.
लेकिन तभी अचानक ऐसा क्या हो गया कि अमेरिका सहित पूरी यूरोपीय यूनियन के देश रूस को अलग थलग करने में लग गए हैं, आइए जानते हैं…
अमेरिका ने रूस के 60 राजनायिकों को देश छोड़ने को कहा
सोमवार का दिन रूस के लिए काफी हैरानी भरा रहा क्योंकी अमेरिका ने रूस के 60 राजनेयिकों को देश छोड़कर जाने का आदेश दिया है.
इस बारे में आधिकारिक तौर पर ट्रंप प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सभी 60 रूसी राजनायिक जो अमेरिकी डिप्लोमेसी श्रेणी के अंतर्गत आते थे उन्हें देश छोड़ने का आदेश दे दिया गया है.
मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक यह भी कहा जा रहा है कि अमेरिका ने रूसी वाणिज्य दूतावास को बंद करने का भी मन बना लिया है.
वहीं अमेरिका के इस आदेश के बाद जर्मनी, फ्रांस, पोलैंड समेत दुनिया के 14 देशों ने भी रुस के 36 राजनयिकों को अपने देशों से निकालने का फरान जारी कर दिया है.
बता दें कि रूसी राजनायिकों को निकालने का फैसला सबसे पहले ब्रिटेन ने लिया था. ब्रिटेन ने अपने नागरिक की मौत से खफा होकर रूस के 23 राजनयिकों को अपने देश वापस जाने के लिए कह चुका है.
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आखिर क्या है इन देशों का रूस से खफा होने का कारण
दरअसल, ब्रिटेन में एक पूर्व जासूस को जहर देकर मारने में मॉस्को की कथित भूमिका को लेकर ब्रिटेन के अलावा सभी यूरोपिय देश रूस से नाराज हो गए हैं.
यूरोपीय यूनियन के सभी नेता इस बात को लेकर एकमत हैं कि पूर्व रूसी जासूस सर्गेई स्क्रिपल और उनकी बेटी यूलिया पर नर्व एजेंट के जरिए ये हमला करवाया गया था जिसमें रूस का पूरा हाथ था.
वहीं अमेरिका का कहना है कि नर्व एजेंट से हमला अंतरराष्ट्रीय नियमों और केमिकल वेपन कन्वेंशन का उल्लंघन है. हालांकि रूस अपने ऊपर लग रहे इन सभी आरोपों से इनकार कर रहा है.
इस मुद्दे के कारण रूस सबके निशाने पर आया
गौरतलब है कि रूस ने दुनिया को टारगेट करने वाला सबसे शक्तिशाली सुपरसोनिक मिसाइल को तैयार किया है. जिसके बारे में जानकारी देते हुए राष्ट्रपति पुतिन ने खुद कहा कि इस सोनिक मिसाइल को एंटी मिसाइल सिस्टम भी नहीं पकड़ सकती है.
मार्च के शुरूआती दिनों में पुतिन ने फेडरल असेंबली को संबोधित करते हुए ये जानकारी दी थी और सुपरसोनिक मिसाइल का वीडियो भी जारी किया था
रूस के राष्ट्रपति ने दुनिया को संदेश देते हुए कहा था कि अगर रूस या उसके सहयोगियों के खिलाफ किसी तरह के परमाणु हथियारों का इस्तेमाल होता है तो मास्को उसे परमाणु हमला मानेगा. साथ ही इसपर तत्काल प्रभाव से जवाबी कार्रवाई भी की जाएगी.
एक राष्ट्रपति द्वारा यह बातें सुनकर कई देशों को हैरानी हुईं और उन्हें लगा कि रूस खुले तौर पर परमामु मिसालइल की बातें करके दुनिया की शांती को तोड़ना चाहता है.
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अमेरिका और रूस के संबंध में आया खटास
माना जा रहा है कि अमेरिका के 60 राजनयिकों को देश छोड़कर जाने का आदेश का दूरगामी परिणाम हो सकता है.
इससे अमेरिका और रूस के बीच फिर से दूरियां बढ़ जाएंगी.यही नहीं अब ऐसे भी कयास गलाए जा रहें कि अमेरिका और रूस की इस नई दुश्मनी से कहीं एक बार फिर दुनिया में शीत युद्ध की शुरूआत तो नहीं होनी लगी है.
गौरतलब है कि एक हफ्ते से भी कम समय गुजरा है जब राष्ट्रपति ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन को उनको दोबारा रूस का राष्ट्रपति चुने जाने पर बधाई देने के लिए फोन किया था.