78 साल का यह ट्री-मैन लगा चुका है 27 हजार पेड़

Rajasthan Tree Man
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Rajasthan Tree Man : गांव के अंदर करीब 25 बीघा जमीन में 27,000 से अधिक पेड़ लगाए हैं.

Rajasthan Tree Man : राजस्थान का नाम सुनते ही शायद आप सबके दिमाग में सबसे पहले वहां के रेतीले भरे मैदान की एक छवि उभरने लगती होगी.

दूर तक फैले रेगिस्तान और वहां पर लगे कांटेदार कैक्टस के पेड़ जो किसी की भी आंखों को एक डारावनी सी तस्वीर दिखाते हैं.
हालांकी ऐसा नहीं है कि पूरा राज्य में आपको यही सब देखने को मिले राजस्थान जितना अपने रेगिस्तानों के लिए प्रसिद्ध है ठीक उससे कई ज्यादा अपने कल्चर और पुराने महाराजाओं की वीर गाथाओं और उनके किलों की निशानी के लिए भी मशहूर है.
यही वजह है कि ये 12 महीनों विदेशी सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहता है.
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लेकिन यहां हम आपको राजस्थान के इतिहास और उसके टूरिज्म के बारे में बताने नहीं वाले हैं, हम आज इस राज्य के एक ऐसे सूरमा की कहानी आपसे साझा करना वाले हैं जिन्होंने अपनी 78 साल की उम्र में रेगिस्तान के एक बड़े हिस्से को जंगल में बदल दिया है.
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3 किमी पैदल चलकर रोजाना देते हैं पेड़ों को पानी
बता दें कि जोधपुर के इस ट्री मैन (Tree Man) के नाम से मशहूर व्यक्ति ने अपने अबतक के जीवन में गांव के अंदर करीब 25 बीघा जमीन में 27,000 से अधिक पेड़ लगाए हैं.
शहर के पास एकलखोरी गांव के रहने वाले राणाराम बिश्नोई हर दिन की सुबह अपने घर से 3 किमी की दूरी तक पैदल चलते हैं फिर चोटी पर चढ़ाई करके अपने लगाए गए पेड़ों को पानी देते हैं, इसके लिए वो अपने दोस्त की ट्यूबवेल को अपने साथ ही ले जाते हैं.
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वहां उन्होंने एक कार्टर बनाया है जहां वह पानी इक्ठ्ठा करते हैं, इस कार्टर पर उन्होंने बड़ी प्लास्टिक शीट लगाई हुई है जिससे वह पानी के बर्बाद होने का, जानवारों द्वारा पीए जाने से बचाते हैं.
खास बात है कि बिश्नोई की उम्र को उनके हौसलें पर कहीं भी भारी पड़ती नहीं दिखती है. उन्होंने नीम, रोहिदा, अंजी, खेजरी, कंकरी, बाबूल और बौगेनविले जैसे 27,000 स्वदेशी पेड़ लगाए हैं.
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कहां से मिली प्रेरणा
राणाराम बिशनोई बताते है कि 50 साल पहले वह एक बिश्नोई समारोह में गए थे. वहां उन्होंने वातावरण और पेड़ों के की जरूरत के बारे में समझा और इसी कारण इसकी शुरुआत की.
उन्होंने अपने घर पर ही एक नर्सरी बनाई है जहां वो पौधे और बीजों के लिए काम भी करते हैं.
यही नहीं उन्होंने अपने परिवार और औरतों को भी इससे जोड़ने की कोशिश की है. वह कहते हैं कि वह उन्हें इस काम के लिए पॉकेट मनी देकर उत्साहित करने की कोशिश करते हैं.