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Triple Talaq : तीन तलाक देने वाले मुस्लिम पतियों को होगी 3 साल की जेल, कैबिनेट ने दी मंजूरी

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TRIPLE TALAQ
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Triple Talaq : मुस्लिम महिलाओं को मिलेंगे कई अधिकार

Triple Talaq : केंद्रीय कैबिनेट ने तीन तलाक पर अपना रूख स्पष्ट करते हुए इसमें सजा देने वाले प्रावधान को मंजूर दे दी है.

मोदी कैबिनेट ने शुक्रवार को हुई अपनी बैठक में मुस्लिम वीमेन प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स ऑन मैरिज वाले बिल को मंजूरी प्रदान कर दी है.
इस बिल के संसद में पास होने के बाद से मुस्लिम पति द्वारा अपनी बीवी को एक बार में तीन तलाक दिए जाने पर 3 साल की जेल होगी. इसके अलावा उसे अपनी पत्नी और बच्चों के पालन पोषण के लिए गुजारा भत्ता भी देना पड़ेगा.
आपको बता दें किअगस्त में ही सुप्रीम कोर्ट ने एक लंबी बहस के बाद लगभग 1400 वर्षों से चली आ रही तीन तलाक की प्रथा को हमेशा के लिए खत्म कर दिया था. जिसे देखते हुए मोदी सरकार ने ऐसा करने वालों के लिए एक सख्त कानून बनाया है.
इस नए कानून के मुताबिक अगर कोई मुस्लिम पुरूष अपनी बीवी को एक बार में तीन तलाक देता है तो उसे 3 साल की जेल होगी और इस केस में आरोपी की जमानत भी नहीं हो सकेगी है.
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महिलाओं को मिलेंगे कई अधिकार
यह कानून पीड़िता को खुद और अपने नाबालिग बच्चों के लिए भरण-पोषण और गुजारा भत्ता के लिए मजिस्ट्रेट के पास जाने की शक्ति देगा.
यही नहीं अगर उसका पति किसी बच्चे को रखना चाहता है तो पीड़िता नाबालिग बच्चों की कस्टडी की भी मांग कर सकेगी. जिसके बाद इस मामले पर राज्य के मजिस्ट्रेट अंतिम फैसला लेंगे.
मौखिक, लिखित या इलेक्ट्रॉनिक प्रारूपों में दिए जाने वाले तीन तलाक को अपराध समझते हुए इस कानून के तहत   सजा सुनाई जाएगी.
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मुस्लिम देशों में तीन तलाक प्रतिबंधित
गौरतलब है कि पाकिस्तान और रूढ़िवादी सऊदी अरब सहित कई मुस्लिम देशों ने अपने यहां पहले से ही तीन तलाक को प्रतिबंधित कर रखा है. और इन देशों में ऐसा करने वालों के लिए सजा का प्रावधान भी लागू है.
भारत में तीन तलाक के बारे में कानून अब तक इसलिए नहीं बन सका था क्योंकि हमारे यहां धार्मिक समुदायों को विवाह, तलाक और संपत्ति विरासत जैसे निजी मामलों में अपने स्वयं के कानून लागू करने की अनुमति है.