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Employee Dowry Affidavit : शादी में सरकारी कर्मचारी नहीं ले सकते दहेज, देना होगा घोषणापत्र

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Employee Dowry Affidavit
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Employee Dowry Affidavit : हरियाणा में शुरू हुई पहल

Employee Dowry Affidavit : हरियाणा के सरकारी कर्मचारियों के लिए अब शादी के वक्त लड़की वालों से दहेज लेना भारी पड़ सकता है.

हमारे देश में लड़के वालों का लड़की पक्ष से दहेज लेने का रिवाज काफी पुराना है. और अगर लड़का किसी सरकारी नौकरी में कार्यरत है तो फिर क्या पूछना मूंछ पर ताव देते हुए लाखों रुपए का सौदा पक्का समझो.
मगर अब हरियाणा सरकार ऐसी मंशा रखने वालों पर लगाम कसने की तैयारी कर चुकी है.
अब से हरियाणा का हर सरकारी कर्मचारी चाहे वो अधिकारी हो या सामान्य कर्मचारी उसे शादी के वक्त मिलने वाले सामान की सूचना सरकार को लिखित में देनी होगी.
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अविवाहित कर्मचारी देंगे अंडरटेकिंग
दरअसल राज्य में दहेज की कुरीति को खत्म करने के लिए हरियाणा के राज्य सूचना आयोग ने इस पहल की शुरूआत की है. इसके तहत राज्य के मुख्य सचिव ने सभी विभागों को पत्र लिखकर इस आदेश पर तुरंत ऐक्शन लेने को कहा है.
इस पत्र में यह कहा गया है कि हरियाणा की राज्य सेवाओं मे शामिल होने वाले सभी कर्मचारियों को दहेज विरोधी कानून के तहत शादी के वक्त मिली तमाम वस्तुएं, रूपए और अन्य संपंतियों का ब्यौरा देना होगा.
जबकि इसकी पुष्टी के लिए शपथपत्र में कर्मचारी के अलावा उसकी पत्नी, पिता और ससुर के हस्ताक्षर भी अनिवार्य होंगे.
इसके अलावा जिन कर्मचारियों की अभी शादी नहीं हुई है और वो राज्य में सरकारी नौकरी ज्वाइन करने जा रहे हैं उन्हें भी यह अंडरटेकिंग देनी होगी कि शादी के वक्त वे अपने बारे में समस्त जानकारी सरकार को शपथपत्र के जरिए मुहैया कराएंगे.
गौरतलब है कि ऐसा ना करने वाले कर्मचारी को दहेज विरोधी कानून के तहत दोषी माना जाएगा और उस पर उचित कानूनी कार्यवाही की जाएगी.
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नहीं हो रहा था कानून का अनुपालन
बता दें कि हरियाणा सिविल सर्विसेज (गवर्नमेंट इंप्लाइज कंडक्ट) नियम 2016 की धारा-18(2) में सरकारी कर्मचारियों द्वारा दहेज नहीं लिए जाने के नियम का पहले से ही प्रावधान किया गया था. मगर राज्य का कोई भी कर्मचारी इसे गंभीरता से नहीं ले रहा था.
जिसके बाद बीते साल 16 नवंबर को राज्य सूचना आयुक्त हेमंत अत्री ने अपने आदेश में हरियाणा सरकार से कहा था कि वो इस कानून को सख्ती से अपने राज्य में तुरंत लागू कराएं.
जिसके बाद मुख्य सचिव ने सभी प्रशासनिक सचिव, विभागाध्यक्ष, मंडलायुक्त, जिला उपायुक्त और हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार को पत्र लिखकर दहेज न लेने संबंधी शपथपत्र अनिवार्य रूप से दिए जाने का आदेश दिया है.